
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अर्बन चैलेंज फंड के तहत केंद्र शासन ने इंदौर के 1214.54 करोड़ रुपये के जल प्रदाय एवं सीवरेज प्रोजेक्ट को स्वीकृति दे दी है। केंद्र शासन अब इन प्रोजेक्ट की लागत का 25 प्रतिशत खर्च यानी लगभग 302.70 करोड़ रुपये स्वयं वहन करेगा।
यह स्वीकृति केंद्र शासन के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की बैठक में दी गई। बैठक में प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, इंदौर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, यूडीडी के दिव्यांक सिंह आदि शामिल हुए।
बैठक के दौरान इंदौर नगर निगम ने जल प्रदाय वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, सीवर नेटवर्क के विस्तार तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन से संबंधित विस्तृत प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। इसमें वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं नवाचार आधारित तकनीकों के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
भारत सरकार द्वारा आयोजित अर्बन चैलेंज फंड की एपेक्स कमेटी ने इन जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं की जांच की। समिति ने नगर निगम की सभी प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी है। इनमें 907.74 करोड़ रुपये की जल प्रदाय परियोजनाएं और 306.80 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं।
अर्बन चैलेंज फंड के प्रविधानों के तहत परियोजना लागत का 25 प्रतिशत यानी 302.70 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता के रूप में प्राप्त होगा। इस राशि से नर्मदा के चौथे चरण के अंतर्गत जल वितरण के लिए लाइन डालने का कार्य और सीवरेज लाइन डालने का कार्य किया जाएगा।
बैठक में केंद्र शासन के अधिकारियों ने नगर निगम इंदौर द्वारा प्रस्तुत जल प्रदाय एवं सीवरेज क्षेत्र की आधुनिक, नवाचार आधारित एवं भविष्य उन्मुख तकनीकों की सराहना की। उपचारित जल के पुनः उपयोग, टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट, पीपीपी मॉडल तथा भूजल संरक्षण से जुड़े प्रविधानों को अन्य शहरों के लिए भी अनुकरणीय बताया।
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