
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: इंदौर के ब्रिलियंट कंवेशन सेंटर में आयोजित एमपी अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में बुधवार इंदौर, उज्जैन व रीवा के नगरीय विकास का नया आयाम दिया जाएगा। इंदौर व रीवा नगर निगम व उज्जैन के प्राधिकरण का देश के तीन प्रमुख बैंकों के साथ अनुबंध होगा। इनके माध्यम से 2050 करोड़ रुपये का लोन मिलेगा।
इस राशि से तीनों शहरों में पेयजल, सीवरेज व्यवस्था के अलावा पुराने मंदिरों का विकास होगा। आयोजन के दौरान तीनों नगरीय निकायों को तीन प्रमुख बैंकों के साथ इस संबंध में अनुबंध होगा। कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। वे इस दौरान में इंदौर में 873.48 करोड़ की नगरीय अधोसंरचना व विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन व लोकार्पण करेंगे।
इसमें आईडीए द्वारा स्कीम नंबर 97 पार्ट-4 में नगर वन की 97 पार्ट 2 में अंतर्गत रीजनल पार्क का विकास और एमआर-12 पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण योजना शामिल है। कॉक्लेव में ‘इंदौर आर्थिक क्षेत्र‘ की घोषणा भी होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक कर शहरी क्षेत्र में निवेश, परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं भावी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
इंदौर नगर निगम
उज्जैन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूडीए)
रीवा नगर निगम
ये अतिथि होंगे शामिल
निकायों की वित्तीय मजबूती के लिए टेंपल बांड, ग्रीन बांड
कांक्लेव में अर्बन चैलेंज फंड की परियोजनाओं के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी , वित्तीय माडलिंग, टेंपल बांड, ग्रीन बांड, नगर पालिका बांड, बहुपक्षीय बैंकों से वित्त पोषण, अनुदान और वायबिलिटी गैप फंडिंग सहित विभिन्न वित्तीय विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा परिवहन आधारित विकास (टीओडी), टीडीआर, आवास, पुनर्विकास, मास्टर प्लान, रेरा स्वीकृतियां, ईज आफ डूइंग बिजनेस, अनापत्ति प्रमाण-पत्रों में कमी (एनओसी) तथा एफएआर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी।
नगरीय प्रशासन में सुधार और डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्रित सत्र में स्वचालित भवन अनुज्ञा अनुमोदन प्रणाली (एबीपीएएस), आनलाइन एनओसी एवं विकास अनुज्ञा प्रणाली, कालोनी अधिनियम, डिजिटल गवर्नेंस, जीआईएस आधारित नियोजन, ईज आफ डूइंग बिजनेस तथा परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली पर चर्चा।
जलवायु अनुकूल शहर, जल सुरक्षा और सर्कुलर इकोनामी, शहरी जल पुनः उपयोग एवं जल प्रबंधन, अमृत 2.0, बीआरएसआर फ्रेमवर्क, नमो हरित नगर योजना, सिटी फारेस्ट एवं सेंट्रल पार्क, वायु गुणवत्ता सुधार की पहल, ईज आफ लिविंग एवं लिवेबिलिटी इंडेक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, एमआरएफ, कचरे से ऊर्जा, सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा सीबीजी इकोसिस्टम पर चर्चा होगी।
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