यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Vasant Panchami 2024: रेवती-अश्विनी के संयोग में वसंत पंचमी पर होगा सरस्वती पूजन
Vasant Panchami 2024: अबूझ मुहूर्त, वसंत पंचमी पर कल मां शारदा की आराधना के लिए पांच घंटे 35 मिनट का समय।
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Tue, 13 Feb 2024 08:48:54 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Feb 2024 12:47:51 PM (IST)
वसंत पंचमी पर होगा सरस्वती पूजनHighLights
- ज्ञान की देवी सरस्वती के पूजन का पर्व वसंत पंचमी बुधवार को शुभ योग में रेवती-अश्विनी नक्षत्र के संयोग में मनाई जाएगी।
- साढ़े तीन अबूझ मुहूर्त में से एक इस पर्व पर मांगलिक कार्य होंगे।
- माघ की गुप्त नवरात्र की पंचमी तिथि 13 फरवरी को दोपहर 2.41 से 14 फरवरी को दोपहर 12.09 बजे तक रहेगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर Vasant Panchami 2024। ज्ञान की देवी सरस्वती के पूजन का पर्व वसंत पंचमी बुधवार को शुभ योग में रेवती-अश्विनी नक्षत्र के संयोग में मनाई जाएगी। साढ़े तीन अबूझ मुहूर्त में से एक इस पर्व पर मांगलिक कार्य होंगे। हालांकि पंचांगों में इस बार विवाह मुहू्र्त नहीं दिया गया है, लेकिन विद्यारंभ, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश जैसे कार्य होंगे। सरस्वती मंदिर में माता का पीले आभूषणों से शृंगार किया जाएगा।
ज्योतिर्विद् शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार, माघ की
गुप्त नवरात्र की पंचमी तिथि 13 फरवरी को दोपहर 2.41 से 14 फरवरी को दोपहर 12.09 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के मान से पंचमी 14 को होने से इसी दिन सरस्वती पूजन होगा। इसके लिए पांच घंटे 35 समय (सुबह 7.01 से 12.35 तक) रहेगा। इस दिन रेवती और अश्विनी नक्षत्र का संयोग बन रहा है।
ज्योतिर्विद् पं. विनायक शर्मा ने बताया कि जैसे दीपावली पर धन की देवी का पूजन महत्वपूर्ण है, वैसे ही ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना
वसंत पंचमी पर की जाती है। पूजन दोपहर के पूर्व किया जाता है। सामान्यत: दूध और सफेद तिल से निर्मित मिष्ठान्न का भोग लगाया जाता है। इस दिन विद्यारंभ संस्कार का भी विशेष महत्व है।
सरस्वती मंदिर में 30 वर्ष से जल रही अखंड ज्योति
तुलसी नगर स्थित
सरस्वती मंदिर में पूजन की तैयारी हर्षोल्लास से की जा रही है। मां सरस्वती की प्राण प्रतिष्ठा स्वामी करपात्री के शिष्य स्वामी राघवनंदाचार्य ने 13 अप्रैल 1994 को की थी। तब से मंदिर में अखंड ज्योति जल रही है। पं. प्रेमनारायण पंचोली और पुजारी पं. विजय मोहरे वसंत पंचमी पर विधि विधान से पूजन करेंगे। रेवती-अश्विनी नक्षत्र के शुभ योग में विशेष शृंगार, पूजन व अभिषेक किया जाएगा। सरस्वती महायज्ञ भी होगा। शाम को भजन संध्या होगी।
खीरान, मालपुआ, हलवा, त्रिमधु, गन्ने, पान का लगेगा भोग
एरोड्रम रोड श्रीविद्याधाम के नौ दिनी प्रकाशोत्सव में पंचमी पर विभिन्न आयोजन होंगे। मंदिर के सुरेश शाहरा, पं. दिनेश शर्मा व राजेंद्र महाजन ने बताया कि 14 फरवरी को मां भगवती का विशेष शृंगार किया जाएगा। महायज्ञ में खीरान, मालपुआ, हलवा, त्रिमधु, गन्ने, पान, कमल गट्टे और पंचमेवे से आहुतियां दी जाएंगी। दूध, गुलाब जल व पवित्र नदियों के जल से सुबह 7 बजे मां का महा अभिषेक किया जाएगा।
पीले-सफेद फूलों से होगा माता का शृंगार
बिचौली मर्दाना स्थित वैष्णवधाम पर माता का पीले और सफेद फूलों से शृंगार होगा। सुबह 9 से 11 बजे तक विश्वशांति के लिए हवन पूजन किया जाएगा। इसके बाद इसके बाद दिनभर भजन कीर्तन होगा। इसके साथ ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की कतार लगेगी।