
Vijayadashami 2022: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के दशहरा मैदान पर रावण दहन का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। दहन से पहले शमी पूजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग आयोजन देखने पहुंचे। बारिश और प्रतिकूल मौसम ने आयोजन में कुछ खलल भी डाला, लेकिन लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। इंदौर के तिलक नगर में बारिश के बीच छाते लगाकर लोग रावण दहन देखने पहुंचे।
Vijayadashami 2022 : इंदौर में रावण दहन कार्यक्रम में उमड़ा जन सैलाब, छाते लगाकर लोग पहुंचे#Vijayadashami2022 #indorenews https://t.co/KISnYC2iYW pic.twitter.com/a5Zqm0IuYO
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Vijayadashami 2022 : इंदौर में दशहरा मैदान पर शमी पूजन के बाद रावण दहन, उमड़ा जन सैलाब#Vijayadashami2022 #RavanaDahan #indorenews https://t.co/KISnYC2iYW pic.twitter.com/O27HdqwuT0
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बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व विजयदशमी पर बुधवार सुबह पुलिस अधिकारियों ने इंदौर की डीआरपी लाइन में शस्त्रों का पूजन किया। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शहर में अनेक जगह पथ संचलन निकाला। मौसम की मार के बीच अहंकारी दशानन के दंभ का आज अंत हुआ। शहर में विभिन्न स्थानों पर रावण दहन किया गया। कोरोना महामारी के चलते जहां विगत दो वर्षों से रावण दहन प्रतीकात्मक रूप से हो रहा था वहीं इस बार फिर भव्य पैमाने पर यह आयोजन हुआ।
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इंदौर की डीआरपी लाइन में विजयदशमी पर शस्त्र पूजन करते पुलिस अधिकारी pic.twitter.com/t2iLHLFRqm
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कहीं वाटरप्रूफ रावण बनाया गया तो कहीं रावण के हाथ में अग्निचक्र नजर आए। कहीं दशानन के दस मुख एक-एक करके गिरे तो कहीं रावण की ढ़ाल-तलवार घूमती हुई नजर आई। आकर्षक आतिशबाजी, भजन संध्या, रंगारंग प्रस्तुति और श्रीराम की शोभायात्रा के साथ दशहरे का उल्लास शहर में एक बार फिर छाया है। शहर में होलकर कालीन परंपरा एक बार फिर नजर आई जब राजवंश द्वारा शहर में पालकी निकाली गई और दशहरा मैदान पर शमी पूजन भी किया गगा।
विजयदशमी पर इंदौर में निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन pic.twitter.com/ANzLjKDVoO
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हिंद रक्षक संगठन ने भी सामूहिक शस्त्र पूजन किया
विजयदशमी पर इंदौर में हिंद रक्षक संगठन ने किया सामूहिक शस्त्र पूजन pic.twitter.com/qVO7eaU0Zc
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विजयदशमी पर रणजीत हनुमान मंदिर में बाबा का राम के रूप में श्रृंगार किया गया।

बंगाली समाज ने दुर्गा पूजा के बाद विजयदशमी पर सिंदूर खेला
इंदौर में बंगाली समाज ने दुर्गा पूजा के बाद विजयदशमी पर सिंदूर खेला pic.twitter.com/fqWUN0SKHT
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लम्पी वायरस रूपी विशाल रावण
आयोजक: रिद्धि सिद्धि गणेश मित्र मंडल
स्थान: व्यंकटेश विहार चौराहा
आकर्षण: यहां करीब 31 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। इस बार रावण लंपी वायरस के रूप में बनाया गया जिसके दहन के साथ गौमाता की रक्षा का संदेश और वायरस के खत्म होने की कामना की गई। रावण दहन से पूर्व आकर्षक आतिशबाजी भी हुई। संयोजक शिव सिंह के अनुसार रावण दहन के पूर्व रामजी की शोभायात्रा भी प्रतिकात्मक रूप से निकाली गई।
वैक्सीन रूपी मशाल से रावण का दहन
आयोजक: संस्था सूर्यमंच रावण दहन समिति
स्थान: श्रीकृष्ण टाकिज के सामने नगर निगम रोड
आकर्षण: लंपी वायरस रूपी रावण का दहन यहां किया गया। रावण दहन से पूर्व श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमानजी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। देवास के समूह द्वारा प्रस्तुति दी गई। लंपी वायरस रूपी रावण का दहन महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा ने वैक्सीन रूपी मशाल से किया । संयोजक सन्नी पठारे, फिरोज खान, दीपक जोशी आदि ने बताया कि रावण दहन के साथ आतिशबाजी भी हुई और देवास व मुंबई के कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति भी दी गई। रावण दहन के बाद 151 किलो गिलकी के भजिये का वितरण भी किया गया।
आयोजक: संस्था स्वराज एवं शक्ति मित्र मंडल
स्थान: इंद्रपुरी कालोनी, दहशरा मैदान
आकर्षण: यहां 111 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया। आयोजक मयंक वर्मा ने बताया कि इंद्रपुरी कालोनी में कोरोना काल के दो वर्ष बाद रावण दहन किया गया। रावण दहन के पूर्व तीन घंटे तक आतिशबाजी की गई। इसके अलावा 51 फीट की लंका भी यहां बनाई गई ।
बटन दबाते ही रावण का अंत
आयोजक: क्रायसिस मैनेजमेंट समिति वार्ड 32
स्थान: अरण्य धाम के समीप, स्कीम नंबर 78
आकर्षण: 27 वर्ष से यहां जारी रावण दहन की परंपरा में इस बार 51 फीट ऊंचे रावण का दहन हुआ। रावण दहन तकनीक की मदद से किया गया। जितेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि अतिथियों द्वारा मंच से ही बटन दबाकर रावण दहन किया गया।तीन घंटे तक आतिशबाजी हुई।
आयोजक: संस्था स्वराज एवं शक्ति मित्र मंडल
होलकर कालीन परंपरा नजर आई
होलकर राजवंश की गौरवशाली परंपरा एक बार फिर शहर में नजर आई। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सरदार प्रतापसिंहराव होलकर के आड़ा बाजार स्थित हवेली से विशाल चल समारोह निकाला गया जो दशहरा मैदान पर संपन्न हुआ। देवी अहिल्याबाई होलकर गादी रक्षण समिति के तत्वावधान में एक विशाल यह चल समारोह दोपहर 3 बजे निकला है। चल समारोह में भगवान महारूद्र देवता, कुलस्वामी मल्हारीमार्तण्ड व देवी अहिल्या बाई की प्रतिमा पालकी में विराजित थी। इसके साथ ही होलकर राज्य के निशान, शस्त्र (राज्य ध्वज), अश्व, भोपे ताफे, छत्र, चंवर, अब्दागिरी आदि भी शामिल हुए। राजवाड़े स्थित मल्हारी मार्तण्ड देव स्थान पर तली भण्डारा होगा। चल समारोह गोपाल मंदिर, बडा सराफा, मरोठिया बाजार, नृसिंह बाजार, महूनाका होते हुए दशहरा मैदान पहुंचा जहां शमी पूजन उदयसिंहराव होलकर ने किया।
फोटो वीडियो : प्रफुल्ल चौरसिया आशु, राजू पवार