
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवास जिले के 3225 मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण और पुनर्व्यवस्थापन का काम सोमवार तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी और सूची में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में नाम कटने या पहले आवेदन नहीं कर पाने वाले लोगों को नाम जुड़वाने का एक और अवसर मिलेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का कार्यक्रम तय किया है। इसके तहत चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
इंदौर में 28 सितंबर से 10 अक्टूबर तक एसआईआर के दौरान हटे मतदाताओं को खोजने का अभियान चलाया गया था। इस दौरान 33 हजार से अधिक आवेदन मिले। इनमें 42 प्रतिशत यानी 14 हजार से अधिक आवेदन पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के थे। उस प्रक्रिया में आवेदन नहीं कर पाने वाले मतदाता भी 12 नवंबर से शुरू हो रही प्रक्रिया में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
एसएसआर में 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक प्रारूप मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निराकरण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। वर्ष 2027 में एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी को जारी होगी।
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जिले में एसआइआर शुरू होने से पहले 28.67 लाख से अधिक मतदाता थे। पुनरीक्षण के दौरान 4.47 लाख मतदाताओं के गणना प्रपत्र नहीं मिलने के कारण उनके नाम सूची से हटा दिए गए थे। इसके बाद प्रकाशित प्रारंभिक सूची में मतदाताओं की संख्या घटकर करीब 24.20 लाख रह गई थी।
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