
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रंगवासा में इंडस्ट्रीज एरिया से निकलने वाला गंदा पानी अब रहवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनता जा रहा है। क्षेत्र में स्थित उद्योगों और आसपास की कॉलोनियों का दूषित पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नहर में छोड़ा जा रहा है, जिससे चारों ओर गंदगी फैल रही है। एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) नहीं होने के कारण यह दूषित पानी न केवल वातावरण को खराब कर रहा है, बल्कि खेतों में पहुंचकर फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
नहर के पानी में लगातार मिल रहे रसायनों और गंदगी के कारण क्षेत्र के भूजल स्तर पर बुरा असर पड़ा है, जिससे नलकूपों से अब काला और दूषित पानी आने लगा है। स्थानीय रहवासी चेतन मुकाती और गणेश पाटीदार ने बताया कि रंगवासा के तालाब में जब नर्मदा का पानी ओवरफ्लो होकर इसी नहर में आता है, तो उससे गर्मियों में बोरिंग रिचार्ज होते हैं। लेकिन अब गंदे पानी के मिलने से बोरिंग का पानी पूरी तरह खराब हो रहा है। रहवासी पिछले एक साल से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
गंदे पानी की इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय रहवासी पंचायत से लेकर प्रशासन तक कई शिकायतें कर चुके हैं। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय विधायक मधु वर्मा भी क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। अधिकारियों द्वारा मौका मुआयना करने और एमपीआईडीसी (MPIDC) के अधिकारियों द्वारा जल्द निपटान का आश्वासन देने के बावजूद धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ है। हर बार शिकायत के बाद कार्रवाई की बात तो कही जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब भी अधूरा है।
राऊ एसडीएम गोपाल वर्मा ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए बताया कि बगैर ट्रीटमेंट के पानी खुले में छोड़ने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए गए हैं और उद्योग विभाग को भी पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी उद्योग नियमानुसार संचालित हों। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी प्रकार का प्रदूषण न फैले और गंदे पानी का उचित निपटान सुनिश्चित किया जाए।
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