
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कमजोर मानसून का दबाव कृषि और बाजार पर ही नहीं, बिजली कंपनियों पर भी नजर आ रहा है। सर्दियों के साथ आने वाले रबी सीजन में बिजली की मांग में उछाल की उम्मीद जताई गई है। प्रदेश की सभी बिजली वितरण कंपनियों को आपूर्ति करने वाली ट्रांसमिशन कंपनी ने रबी सीजन के दौरान प्रदेश में कुल मांग 21,300 मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद जताई है।
इंदौर में भी आने वाले समय में अधिकतम मांग 9000 मेगावाट के पार और 10 हजार मेगावाट तक पहुंचने के आसार हैं। गर्मी से पहले ही ट्रांसमिशन और वितरण कंपनियों पर वितरण सुचारु बनाए रखने की चुनौती आ गई है।
कम बरसात से सिंचाई के लिए ज्यादा पंप चलेंगे, ऐसे में बिजली की खपत भी बढ़ेगी। आगे मौसम गर्म रहने से भी उपभोक्ता मांग लगातार ऊंची बनी रह सकती है। प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों को बिजली आपूर्ति करने वाली जबलपुर की ट्रांसमिशन कंपनी में प्रदेश स्तरीय तिमाही रिव्यू बैठक में रबी की मांग का आकलन करते हुए निर्देश जारी किए गए।
ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने निर्देश दिए कि फील्ड के अधिकारी आगामी रबी सीजन में बिजली की अनुमानित मांग को देखते हुए प्रदेश में 21,300 मेगावाट विद्युत मांग की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मांग से निपटने के लिए अभी से तैयारी रखना होगी। ट्रांसमिशन कंपनी ने एक्शन प्लान बनाने की बात कही है।
इसमें ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों की माइक्रो मानीटरिंग, नेटवर्क रिस्टोरेशन को प्राथमिकता पर रखते हुए पोस्ट मानसून के बाद के मेंटेनेंस की जरूरत भी बताई। ट्रांसमिशन कंपनी चिंतित है कि देशभर में ट्रांसमिशन सिस्टम से संबंधित मटेरियल की कमी बनी हुई है। ऐसी स्थिति में प्रदेश के सभी सबस्टेशनों एवं फील्ड कार्यालयों में उपलब्ध छोटे से छोटे सामान की भी समुचित अकाउंटिंग और प्रबंधन के निर्देश भी दिए गए हैं।
पश्चिम मप्र यानी मालवा-निमाड़ में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या सितंबर अंतिम सप्ताह की स्थिति में 63,15,000 के पार हो गई है। इसमें 63.10 लाख निम्नदाब श्रेणी के उपभोक्ता हैं। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी क्षेत्र के सभी 15 जिलों में उपभोक्ताओं की यह संख्या है।
कंपनी क्षेत्र में इंदौर, धार, खरगोन, उज्जैन, देवास जिले सबसे ज्यादा बिजली मांग वाले जिले हैं। इन पांचों जिलों में सबसे ज्यादा सब स्टेशन हैं साथ ही सर्वाधिक संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं। प्रबंध निदेशक ने बताया कि कंपनी क्षेत्र में 1700 स्थानों पर 33/11 केवी के सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति की जाती है।
इस बार रबी सीजन में 8200 मेगावाट से ज्यादा बिजली मांग की संभावना के चलते प्रभावी तैयारी की गई है। बीते साल गर्मी में 8711 मेगावाट तक मांग पहुंची थी जो इस बार गर्मी के दौरान 9500 से 10 हजार मेगावाट तक जाने की उम्मीद है।