
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियां, बेहतर कनेक्टिविटी तथा निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स गंतव्यों में उभर रहा है।
विकसित हो रहा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदेश को नेशनल फ्रेट कॉरिडोर एवं एक्सप्रेस-वे से जोड़ते हुए उद्योगों की लागत कम करने, निर्यात बढ़ाने तथा निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंदौर एवं पीथमपुर क्षेत्र तेजी से मध्य भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं।
पश्चिमी इंदौर में विकसित हो रही विभिन्न लॉजिस्टिक्स परियोजनाएं न केवल औद्योगिक विकास को नई गति देंगी। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण व निर्यात गतिविधियों के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पीथमपुर में लगभग 255 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। लगभग 1,110 करोड़ रुपए लागत की परियोजना पर अब तक 160 करोड़ व्यय किए जा चुके हैं। पार्क में चार लाख वर्गफुट वयरहाउसिंग स्पेस का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसमें 150 कमरों वाले होटल का निर्माण भी किया जा रहा है।
परियोजना सड़क एवं रेल दोनों माध्यमों से जुड़ी होगी, जिससे माल परिवहन की लागत एवं समय में कमी आएगी। पार्क में 25 एकड़ क्षेत्र वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए व 25 एकड़ क्षेत्र कस्टम बाउंड इनलैंड कंटेनर डिपो एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं के लिए आरक्षित किया है। देश के विभिन्न हिस्सों एवं बंदरगाहों तक तेज और किफायती पहुंच उपलब्ध कराने वाला पार्क क्षेत्र के उद्योगों को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना से लगभग 10 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंग। वहीं, माचल (इंदौर) में एक्ससियो लॉजिस्टिक्स पार्क द्वारा लगभग 22.3 हेक्टेयर क्षेत्र में 600 करोड़ रुपए के निवेश से आधुनिक लाजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग, स्मार्ट इन्वेंट्री प्रबंधन, कोल्ड चेन, ट्रांसपोर्टेशन सपोर्ट, ट्रक टर्मिनल व अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना से लगभग चार हजार रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इंदौर क्षेत्र में ई-कामर्स, विनिर्माण एवं वितरण गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।
पीथमपुर सेक्टर-7 में कामाख्या लाजिस्टिक्स पार्क भी विकसित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में 127 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को आधुनिक वेअरहाउसिंग एवं लाजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध कराएगी व लगभग 200 लोगों को रोजगार प्रदान करेगी। परियोजना से पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र को स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता की लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध होंगी।
वहीं, गेटवे डिस्ट्रिपार्क्स ने पीथमपुर क्षेत्र में लगभग 30 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण कर 200 करोड़ का निवेश एवं 450 लोगों को रोजगार प्रस्तावित है। उनके द्वारा एक बड़े लाजिस्टिक्स पार्क के विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। निवेश क्षेत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती रुचि का प्रमाण है। प्रस्तावित परियोजना के विकसित होने से वेयरहाउसिंग, कंटेनर हेडलिंग, मल्टी माडल ट्रांसपोर्टेशन व वेल्यू एडेड लाजिस्टिक्स सेवाओं की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सभी परियोजनाओं को मिलाकर पश्चिमी इंदौर एवं पीथमपुर क्षेत्र में दो हजार करोड़ से ज्यादा का प्रत्यक्ष निवेश आकार ले रहा है, जबकि आने वाले वर्षों में इससे जुड़े सहायक निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के माध्यम से आंकड़ा और अधिक बढ़ने की संभावना है। इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 14,650 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होंगे।
इंदौर के विजय नगर चौराहे पर बनेगा मल्टी मॉडल मोबिलिटी हब, बस, मेट्रो रेल, होटल, मार्केट सब एक जगह