
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने और ट्रेनों की समयपालनता को मजबूत करने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा वर्ष 2025 में परिचालन स्तर पर उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। इस दौरान ट्रेनों के संचालन समय को सुव्यवस्थित करते हुए कई गाड़ियों की गति बढ़ाई गई है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने जानकारी दी कि मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन तथा परिचालन विभाग के अधिकारियों के प्रभावी निर्देशन में समय सारणी तैयार करने वाले पर्यवेक्षकों ने ट्रेनों के लिंक और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में रतलाम मंडल पर 27 ट्रेनों को स्पीड-अप किया गया, जिससे प्रतिदिन औसतन 107 मिनट के रनिंग टाइम की बचत हुई।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों की नई समय सारणी लागू की जा रही है। इस नई समय सारणी में कुल 63 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है। इनमें नागदा-उज्जैन/भोपाल-इंदौर-डा. अंबेडकर नगर खंड की 27 ट्रेनें, नागदा-रतलाम-गोधरा खंड की 26 ट्रेनें तथा रतलाम-चित्तौड़गढ़ खंड की 10 ट्रेनें शामिल हैं। इससे वर्ष 2026 में रतलाम मंडल पर ट्रेनों के रनिंग टाइम में साप्ताहिक आधार पर लगभग 2627 मिनट की बचत होगी।
नई समय सारणी के अंतर्गत जिन प्रमुख ट्रेनों को स्पीड-अप किया गया है-
ट्रेनों की गति बढ़ाने में परिचालन विभाग के साथ-साथ इंजीनियरिंग, संकेत एवं दूरसंचार, यांत्रिक विभाग और संरक्षा से जुड़े अन्य विभागों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ट्रेनों के तेज संचालन से यात्रियों का समय बचेगा और कम समय में गंतव्य तक पहुंचने से ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होगी, जिससे यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।