World Tourism Day 2023 हर्षल सिंह राठौड़, इंदौर। पर्यटन के मानचित्र पर अब इंदौर तेजी से चमकने लगा है। स्वच्छता वाला शहर अब पर्यटकों के आतिथ्य वाला शहर भी बनता जा रहा है। दिलचस्प यह है कि शहर में आने-जाने वाले मेहमानों की संख्या भी अब लगातार बढ़ रही है। दुनिया की सैर करने की ख्वाहिश रखने वालों की निगाहों में अब इंदौर की खूबसूरती भी बसने लगी है। यहां आने वाले पर्यटकों में केवल अपने ही राज्य के मेहमान नहीं होते बल्कि देश के अन्य राज्यों और विदेश तक के अतिथि शामिल हैं।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने की कोई एक वजह नहीं बल्कि कई कारण हैं। पर्यटन विभाग, स्मार्ट सिटी कंपनी, होटल इंडस्ट्री, मेडिकल टूरिज्म और बढ़ते इंफ्लुएंसर के अलावा शहर के नागरिक भी इसमे अहम भूमिका निभा रहे हैं। वर्ष 2022 के मुकाबले वर्ष 2023 में शहर आने वाले पर्यटकों की संख्या में 30 प्रतिशत तक की बढ़त हुई है।
ट्रांजिट पाइंट बन गया इंदौर
शहर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या की बड़ी वजह यह भी है कि
इंदौर अपने समीप स्थित दो तीर्थों
उज्जैन व ओंकारेश्वर के लिए ट्रांजिट पाइंट बना हुआ है। उज्जैन में श्री महाकाल महालोक बनने के बाद देशभर से जो पर्यटक आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश पहले इंदौर पहुंचते हैं और फिर यहां से उज्जैन जाते हैं। इसी तरह ओंकारेश्वर, महेश्वर, मांडवगढ़ जाने के लिए भी पर्यटक इंदौर ही आते हैं। अब तो ओंकारेश्वर में एकात्म धाम भी बन गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में पर्यटकों की आवाजाही और बढ़ेगी।
कांफ्रेंस का शहर बनता जा रहा इंदौर
इंदौर अब मध्य प्रदेश के लिए कांफ्रेंस सिटी भी बनता जा रहा है। शहर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट, प्रवासी भारतीय सम्मेलन, जी-20 के आयोजन सहित डाक्टरों, अस्पतालों, रियल एस्टेट, होटलों सहित अन्य क्षेत्रों की बड़ी कांफ्रेंस होती रहती हैं। इन आयोजनों के कारण भी शहर में तेजी से पर्यटन बढ़ा है। इसके अलावा स्वच्छता में सतत छह बार सिरमौर बनना भी शहर का आकर्षण बढ़ा रहा है। शहर के स्ट्रीट फूड को हाइजीन के लिए पुरस्कृत करना भी लोगों को स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए निश्चिंत करते हुए यहां आने के लिए आकर्षित करता है।
महोत्सव भी बढ़ा रहे रुझान
पर्यटकों के आकर्षण का कारण केवल यहां के पर्यटक स्थल ही नहीं बल्कि इन स्थलों पर दी जा रही सुविधाएं, स्वच्छता, विशेष जायका और पर्यटक स्थलों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयास भी हैं। शहर के होटल तो बुक हो ही रहे हैं, साथ ही पर्यटन विभाग के इंदौर रीजन के 13 होटलों में भी खासी बुकिंग हो रही है। शहर के आसपास स्थित पर्यटन स्थलों पर आयोजित होने वाले महोत्सव भी यहां के प्रति रुझान बढ़ा रहे हैं। इंदौर का मालवा उत्सव, उज्जैन का कालिदास समारोह, मांडू महोत्सव तो पहले से ही आयोजित होते रहे हैं, किंतु अब हनुवंतिया में आयोजित होने वाला जल महोत्सव, सैलानी टापू पर आयोजित होने वाला महोत्सव और गांधीसागर बांध के बैकवाटर में होने वाला महोत्सव भी आकर्षण बढ़ा रहा है। सर्वाधिक पर्यटक मांडू, महेश्वर, उज्जैन, गांधीसागर, हनुवंतिया, सैलानी टापू जाने के लिए पहले इंदौर ही आते हैं।
आवागमन हुआ सुलभ
ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया (मप्र व छग) के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार वर्षभर में इंदौर आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या सर्वाधिक है। विदेशी मेहमानों की संख्या भी बढ़ रही है। यहां जो पर्यटक आ रहे हैं, पहले वे अपने सैर-सपाटे में इंदौर को कम ही शामिल करते थे, किंतु अब इंदौर में भ्रमण करने की भी मांग करते हैं। पर्यटकों की संख्या में बढ़त की एक मुख्य वजह आवागमन के साधन सुलभ होना भी है। हवाई सफर अब और भी आसान और विस्तृत हो चुका है। अब शहर में फ्लाइट के 80 फेरे लगने लगे हैं। रेलवे और सड़क मार्ग से शहर पहले ही अन्य शहरों से जुड़ा हुआ था, अब ट्रेन की संख्या भी और बढ़ गई है।
लालबाग देखने पहुंचे 70 प्रतिशत ज्यादा दर्शक
पुरातत्व विभाग के सहायक संग्रहाध्यक्ष आशुतोष महाशब्दे कहते हैं कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों के निखरे स्वरूप ने पर्यटकों का रुझान बढ़ाया है। वर्ष 2022 में लालबाग पैलेस देखने पहुंचे पर्यटकों की तुलना में वर्ष 2023 में संख्या 70 प्रतिशत बढ़ी है। केंद्रीय संग्रहालय में भी वर्ष 2023 में वर्ष 2022 की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक दर्शक पहुंचे। राजवाड़े की निखरी सूरत का ही यह प्रभाव है कि वर्तमान में औसतन दो हजार पर्यटक प्रतिदिन आ रहे हैं।
मेहमान व होटल, दोनों की संख्या बढ़ी
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सुमित सूरी बताते हैं कि वर्ष 2022 तक शहर के होटल में कमरों की बुकिंग करीब 65 प्रतिशत हुआ करती थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 85 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर चुकी है। शहर में होटल की संख्या और उनकी रेटिंग भी बढ़ी है। वर्तमान में शहर में 350 होटल हैं। बात अगर पांच सितारा होटल की करें, तो उनकी संख्या सात है। पहले लोग केवल इंदौर की होटल में ठहरते थे और पर्यटन के लिए आसपास के स्थलों पर जाते थे, लेकिन अब इंदौर देखने की भी इच्छा जताते हैं।