
अमित जलधारी. इंदौर
इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट के तहत रेलवे ने टीही से पीथमपुर के बीच पहली सुरंग का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा काम माना जा रहा है। योजना के तहत यह पहली सुरंग बनाई जा रही है जो पीथमपुर शहर में जमीन से 60 फीट गहराई में बनाई जाएगी।
तीन किलोमीटर लंबी सुरंग के निर्माण पर लगभग 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और सुरंग बनने में कम से कम दो साल का वक्त लगेगा। इसके बनने से टीही-पीथमपुर होते हुए धार तक रेल लाइन बिछ सकेगी। दाहोद लाइन का शिलान्यास 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने किया था।
टीही-पीथमपुर के बीच सुरंग का काम जल्द पूरा करने के लिए रेलवे ने ठेकेदार से दोनों तरफ से काम शुरू करवाया है। सुरंग का एक सिरा पीथमपुर चौपाटी के पास निकाला गया है जबकि दूसरी सिरा भोंडिया तालाब के पास होगा।
सुरंग इंदौर-खलघाट फोरलेन के पास (पीथमपुर तरफ) बनाई जा रही है। दोनों दिशाओं में पोकलेन मशीन से खुदाई शुरू कर दी गई है और जमीन के भीतर से निकला मलबा आसपास भराव के काम में लिया जा रहा है। इसका समाधान सुरंग के रूप में निकाला गया जिससे रेलवे को जमीन अधिग्रहित नहीं करना पड़ी।
सुरंग बनाने का कांट्रेक्ट आंध्रप्रदेश की एसएसवीआर प्रोजेक्ट्स प्रालि को दिया गया है जो उत्तर-पूर्व इलाकों में आधा दर्जन से ज्यादा सुरंगें बना रही है। रेल अफसरों की मानें तो 2020 के अंत तक सुरंग बनकर तैयार हो जाएगी और फिर वहां स्लीपर बिछाकर रेल लाइन बिछाई जाएगी।
नहीं मिल रही विस्फोट करने की अनुमति
रेलवे अफसरों का कहना है कि जमीन के भीतर जैसे-जैसे काम आगे बढ़ेगा, बड़ी-बड़ी चट्टानें अवरोध पैदा करेंगी। उन्हें हटाने के लिए हलकी क्षमता के विस्फोट (लो डेंसिटी ब्लास्ट) कर चट्टानों को चकनाचूर करना होगा। दो-तीन महीनों से स्थानीय प्रशासनिक अफसरों से विस्फोट करने की अनुमति मांगी जा रही है लेकिन वे इसे देने में डर रहे हैं।
सुरंगों की संख्या होगी आधी
पहले 205 किलोमीटर लंबे इंदौर-दाहोद लाइन प्रोजेक्ट में आठ सुरंगें बनना थीं, जिनकी कुल लंबाई 16.50 किमी थी। अब पश्चिम रेलवे इनकी संख्या घटाकर चार करने की तैयारी कर रहा है।
इनकी कुल लंबाई चार से पांच किमी की होगी। सुरंगों की संख्या कम होने से प्रोजेक्ट जल्दी पूरा करने में मदद मिलेगी और लागत भी कम होगी। फिलहाल एक किमी लंबी सुरंग बनाने में औसतन 50 करोड़ रुपए खर्च होते हैं।
पिछले साल लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने प्रोजेक्ट में लगातार हो रही देरी पर दुख जताते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल के सामने अफसरों से पूछा था कि क्या हम अपने जीते जी इंदौर-खंडवा बड़ी लाइन और इंदौर-दाहोद रेल लाइन शुरू होते हुए देख पाएंगे?
इसी के बाद पश्चिम रेलवे अफसर सक्रिय हुए और उन्होंने सुरंग के साथ पीथमपुर-धार के बीच भी काम तेज करने के जतन शुरू किए।
शहर के बीच में खुली रेल लाइन संभव नहीं
टीही-पीथमपुर के बीच सुरंग का काम तेजी से किया जा रहा है। इसे बनाना इसलिए जरूरी है क्योंकि शहर के बीच में कटिंग कर खुली रेल लाइन डालना संभव नहीं था। सुरंग बनने से नीचे रेल लाइन गुजर जाएगी और जमीन के ऊपर सड़क और अन्य निर्माण आदि प्रभावित नहीं होंगे।
-अजय सिंह, चीफ इंजीनियर (निर्माण), पश्चिम रेलवे, मुंबई