
नईदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। राजधानी दिल्ली में शनिवार को काकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित धरने में शामिल होने जा रहे 16 युवक-युवतियों को मध्य प्रदेश पुलिस ने इटारसी में रोक दिया है। महाराष्ट्र के पुणे निवासी इन युवाओं को गुरुवार शाम इटारसी रेलवे स्टेशन पर गोवा एक्सप्रेस से उतारा गया था।
इस कार्रवाई के दौरान आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस का भारी बल मौजूद रहा। इसके बाद सभी को पुलिस की बस से हाईवे स्थित द पार्क रिसोर्ट ले जाया गया, जहां उन्हें नजरबंद रखा गया है।
पुलिस ने रिसोर्ट के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद कर दी है और कई थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है। रात भर रिसोर्ट के अंदर हॉल में और बाहर पुलिस फोर्स की तैनाती रही। बताया गया है कि गोवा एक्सप्रेस से उतारे गए युवाओं में 4 युवतियां और 12 युवक शामिल हैं। इनका संबंध आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) से बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सभी युवा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर दिल्ली में आयोजित सीजेपी के धरने में समर्थन देने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने एहतियातन उन्हें इटारसी में ही रोक दिया। नजरबंद किए गए युवाओं का पुलिस ने मौके पर ही मेडिकल कराया है। प्रशासन की ओर से सुबह सभी को नाश्ते में पोहा-जलेबी और दोपहर में खाना दिया गया।
युवाओं को रिसोर्ट में रखे जाने की जानकारी मिलने पर शुक्रवार को कुछ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार कर रिसोर्ट के अंदर जाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन कार्यकर्ताओं को अंदर नहीं जाने दिया गया।
पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की गतिविधियां लगातार जारी रहीं। एसपी साईं कृष्णा थोटा और एएसपी अभिषेक राजन के नेतृत्व में पुलिस बल युवाओं की निगरानी कर रहा है। दिल्ली में प्रस्तावित धरने में युवाओं की भागीदारी रोकने के लिए की गई इस कार्रवाई के बाद इटारसी से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को निरस्त किया गया है।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा आंदोलन में शामिल होने जा रहे युवाओं को जबरिया ट्रेन से उतारे जाने की घटना को लेकर आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के नेताओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। संगठन के नेताओं ने इसे अघोषित आपातकाल बताया है। नेशनल प्रेसीडेंट विराज दिवांग ने कहा कि पुणे से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जा रहे संगठन के छात्रों को मध्य प्रदेश पुलिस ने इटारसी में हिरासत में लिया है।
नजरबंद किए गए युवाओं ने पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने के लिखित कारण और अनुमति संबंधी जानकारी मांगी है। बताया गया है कि मामले में कुछ छात्रों द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की गई थी, जिस पर न्यायालय के संज्ञान लेने की जानकारी सामने आई है।
एसडीओपी वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि युवाओं के खिलाफ जीआरपी ने मामला दर्ज कर एसडीएम के समक्ष पेश किया था, जिस पर एसडीएम ने अस्थाई जेल बनाकर युवाओं को वहां रखवाने का प्रबंध किया है।