
नईदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। शहर में अवैध वेंडरी के विवाद में हुई हत्या की घटना के बाद जिला प्रशासन ने रेलवे स्टेशन से जुड़े खानपान कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर रविवार को जिला प्रशासन ने रेलवे स्टेशन से जुड़े खानपान कारखानों और किरायेदार वेंडरों के ठिकानों पर संयुक्त छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान एक्सपायरी ब्रेड, बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री, 1 क्विंटल 85 किलो पीडीएस का नमक और तीन गैस सिलेंडर जब्त किए गए। खराब एवं संदिग्ध खाद्य सामग्री को नगर पालिका ने मौके पर ही नष्ट कराया, जबकि खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
संयुक्त कार्रवाई का नेतृत्व अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला, एसडीएम नीलेश शर्मा और एसडीओपी मिश्रा ने किया। टीम में तहसीलदार सुनीता साहनी, थाना प्रभारी सौरभ पांडे, खाद्य विभाग के अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दीयावार, आरआई रितेश कुमार और पटवारी लोकेश ठाकरे भी शामिल रहे। अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन से जुड़े कई खानपान कारखानों का निरीक्षण कर खाद्य सामग्री और व्यवस्थाओं की जांच की।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने पाया कि कुछ कारखानों में रेलवे यात्रियों के लिए भोजन बेहद गंदे और अस्वच्छ वातावरण में तैयार किया जा रहा था। मोहर सिंह की बिल्डिंग में संचालित एक वेंडर के यहां से एक्सपायरी डेट की ब्रेड मिली, जिसका नमूना जांच के लिए भेजा गया। वहीं सुमंत तिवारी की बिल्डिंग में संचालित रसोई से आलू की सब्जी की तरी, बड़ी मात्रा में पके आलू, एक्सपायरी ब्रेड और अन्य संदिग्ध खाद्य सामग्री बरामद हुई, जिसे जब्त कर नष्ट कराया गया।
छापेमारी के दौरान टीम ने 1 क्विंटल 85 किलो नमक भी जब्त किया। प्रारंभिक जांच में इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का नमक बताया गया है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि सरकारी वितरण के लिए निर्धारित नमक वेंडरों तक कैसे पहुंचा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। इसके अलावा तीन गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार सिलेंडरों की वैधता और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है तथा अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रशासनिक टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही कई वेंडर अपने ठिकानों पर ताला लगाकर फरार हो गए। अधिकारियों ने ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर आगे भी जांच और कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
जांच के दौरान राहुल इंटरप्राइजेज, अतुल अवस्थी और होटल धर्मराज के नाम सामने आए हैं। प्रशासन के अनुसार ये फर्में मुख्य टेंडरधारी कंपनी से पेटी पर काम लेकर रेलवे सप्लाई के लिए खानपान का कार्य कर रही थीं। मौके पर होटल धर्मराज के राजकुमार बघेल, अतुल अवस्थी के यहां कार्यरत अजय महाला और राहुल इंटरप्राइजेज के शेख इरफान खान मौजूद मिले।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित फर्मों, किरायेदार वेंडरों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006, आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955, पीडीएस कंट्रोल ऑर्डर-2015 सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने रेलवे स्टेशन सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर खाद्य सामग्री तैयार करने वाले वेंडरों की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं।
अवकाश के दिन हुई इस कार्रवाई से वेंडरों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार कुछ ठेकेदारों ने सिफारिश कराने का भी प्रयास किया। लंबे समय से इन कारखानों में कथित अनियमितताओं के बावजूद जांच नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं हत्या की घटना के बाद प्रशासन की सक्रियता से वेंडर लॉबी में अफरा-तफरी का माहौल है। साथ ही रेलवे प्रशासन के स्वास्थ्य निरीक्षक और वाणिज्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि वर्षों से इन कारखानों का निरीक्षण क्यों नहीं किया गया।