काशी एक्सप्रेस में विजिलेंस ने पकड़ा 'नकली TTE': सोहागपुर के पास टिकट जांचते धराया, नकली सील, रसीद बुक और गन-लाइटर जब्त
आरोपी के पास से नकली रेलवे सील, फर्जी आईडी कार्ड, रसीद बुक, 3,500 रुपये नकद और गन जैसी दिखने वाला लाइटर मिला।
Publish Date: Wed, 22 Jul 2026 01:38:30 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Jul 2026 01:38:30 PM (IST)
रेलवे विजिलेंस ने फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से वसूली करने वाले आरोपी को दबोचा, आरपीएफ के हवाले किया। नईदुनिया।HighLights
- रेलवे विजिलेंस ने फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से वसूली करने वाले आरोपी को दबोचा
- आरोपी के पास से नकली रेलवे सील, फर्जी आईडी कार्ड, रसीद बुक और अन्य सामान जब्त
- ट्रेनों में फर्जी टीटीई बनकर उगाही कर रहा था, पुलिस मामले की जांच कर रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। रेलवे सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने ट्रेन 15018 काशी एक्सप्रेस में टिकट जांच के नाम पर यात्रियों से वसूली करने वाले एक फर्जी टीटीई को पकड़ा है। जांच में फर्जी पाए जाने के बाद उसे आरपीएफ के हवाले किया गया है। फर्जी टीटीई जबलपुर मंडल की ट्रेनों में चैंकिंग के नाम पर यात्रियों से उगाही कर रहा था।
उसके कब्जे से दो नकली रेलवे सील, फर्जी पहचान पत्र, रसीद बुक, 3500 रुपये नकद एवं गन जैसी दिखने वाला एक लाइटर बरामद किया गया है। मामले की जांच जारी है।
योजना बनाकर पकड़ा
रेलवे विजिलेंस को पिछले दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एक व्यक्ति ट्रेनों में खुद को टीटीई बताकर टिकट जांच के नाम पर यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा है। शिकायतों के आधार पर जबलपुर विजिलेंस टीम ने फर्जी टीटीई को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे विजिलेंस टीम ने काशी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-1 में सोहागपुर और बागरा स्टेशन के बीच निगरानी की। इसी दौरान एक व्यक्ति यात्रियों की टिकट जांच और टिकटों पर पंच लगाता दिखाई दिया। संदेह होने पर विजिलेंस अधिकारियों ने तत्काल उसे पकड़कर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपी की पहचान सोहागपुर तिलक वार्ड 54 वर्षीय निवासी अरुण कुमार यादव के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से दो नकली रेलवे सील, एक रसीद बुक, वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ का फर्जी पहचान पत्र, यात्रियों से वसूले गए 3500 रुपये नकद एवं गन जैसी दिखने वाली एक लाइटर बरामद हुई।
आईकार्ड और टीटी जैसे कपड़ों से देता था झांसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यादव खुद को रेलवे का अधिकृत टीटीई बताकर यात्रियों को झांसा देता था और उनसे अवैध रूप से रुपये वसूलता था। पूरी कार्रवाई रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर दीपक उपाध्याय और विजिलेंस इंस्पेक्टर शिवम सोनी के नेतृत्व में की गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यादव से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह कब से इस तरह की ठगी कर रहा था, उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह में शामिल है या नहीं।
आरोपी सफेद शर्ट काली पेंट के अलावा गले में आईकार्ड और रेल यूनियन की किताब जेब में रखता था। छोटे स्टेशनों पर चढ़ने उतरने वाले यात्री उसे असली टीटीई मानकर रूपये थमा देते थे।