• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्यप्रदेश
  • इटारसी

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मां ने छोड़ा चूल्हा-चौका तो कार्तिकेय बना लिटिल मास्टर

संघर्ष के पथ पर जब मां अपने बच्चे का हाथ थामती है तब किस्मत भी साथ देने को मजबूर हो जाती है।

By Edited By:
Publish Date: Sat, 13 May 2017 09:18:08 PM (IST)Updated Date: Sun, 14 May 2017 06:23:36 AM (IST)
मां ने छोड़ा चूल्हा-चौका तो कार्तिकेय बना लिटिल मास्टर

अरविंद शर्मा, इटारसी । संघर्ष के पथ पर जब मां अपने बच्चे का हाथ थामती है तब किस्मत भी साथ देने को मजबूर हो जाती है। कर्मफल दाता में शनिदेव का लीड रोल कर रहे इटारसी के कार्तिकेय मालवीय की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। केन्द्रीय विद्यालय फैक्टरी में 9वीं के छात्र कार्तिकेय के अंदर छिपी प्रतिभा को सही मायनों में उनकी मां नीलिमा ने ही निखारा।

उन्होंने चूल्हा-चौका और परिवार की तमाम जिम्मेदारियों को पीछे रख कर बेटे के कॅरियर पर ध्यान दिया। कार्तिकेय को बचपन से ही अभिनय और डांस में रुचि थी, वह अपने शिक्षकों की मिमिक्री करता था। साल 2014 में इंडिया बेस्ट ड्रामेबाज के भोपाल एवं मुबंई ऑडिशन में कार्तिकेय ने सात राउंड पार कर लिए थे, इसके बाद वह बाहर हो गया लेकिन उसकी मां नीलिमा ने हार नहीं मानी।


कार्तिकेय को अभिनय की बारीकियां सिखाने वह उसे अपने मायके अमरावती ले गईं। इससे उसकी पढ़ाई पर असर पड़ा लेकिन उसकी प्रतिभा को देखकर केन्द्रीय विद्यालय से उसे अभ्यास के लिए छूट दे दी और इस तरह उसकी पढ़ाई भी जारी रही। दूसरे दौर में कार्तिकेय ने ड्रामेबाज के फाइनल राउंड का खिताब जीता। कुछ दिनों बाद उसे शनिदेव सीरियल के लीड रोल का ऑफर मिला और अब उसे कई फिल्मों के ऑफर भी मिले हैं।

पहले खुद की तैयारी

ड्रामेबाज में आने वाले फिल्म एक्टर्स और निर्णायकों से नीलिमा लगातार संपर्क में रहीं और पहले खुद सीखा कि किस तरह कार्तिकेय को तैयार करना है, इस दौरान उन्हें कई तरह परेशानियां उठानी पड़ी। वह कई-कई दिनों तक अपने पति और बेटी को छोड़ घर से दूर रहीं । अब अपने बेटे की कामयाबी के बाद वे बेहद खुश हैं। कार्तिकेय कहता है कि उसकी मां की वजह से ही वह सफल हो सका है। शूटिंग के बाद बचे समय में रोजाना दो घंटे वह पढ़ाई

भी कर रहा है। नीलिमा कहतीं हैं बच्चों में छिपी दूसरी प्रतिभा का गला न घोटें बल्कि उसे प्रोत्साहन दें।