
नवदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। देखो! हम लिखकर नहीं दे सकते, लेकिन इतना बता दूं कि तुलसी सिलावट अपने कमिटमेंट का पक्का है, पता कर लेना, मैं जो कहता हूं वह करता हूं। भाजपा सरकार, मेरी और मुख्यमंत्री की ओर से वादा करता हूं कि आपके साथ विश्वासघात नहीं होगा, किसानों के सम्मान में कोई कमी नहीं आएगी। आप लोग मंगलवार तक भोपाल आ जाओ अफसरों के साथ बैठकर बात कर लेते हैं, अभी आप समस्या लिखकर दे दो और धरना खत्म करो। मंत्री की बात पर तो भरोसा करो।
व्हाट्सएप कॉल पर मप्र के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और किसानों के बीच हुई इस बातचीत के बाद दो दिनों से पथरौटा नहर में जारी किसानों का आंदोलन खत्म हुआ। शनिवार दोपहर से नहर में धरने पर बैठे किसान अफसरों के मान-मनौव्वल से भी टूटे नहीं थे और मंत्री से ही लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए थे, आखिरकार मंत्री जी को कॉल करना पड़ा।
मामला आदिवासी विकासखंड केसला के करीब 50 गांवों की हजारों एकड़ जमीन की सिंचाई परियोजना का काम शुरू न होने से जुड़ा था। तीन साल से इंतजार कर रहे आदिवासी ग्रामीण शनिवार दोपहर से पथरौटा मुख्य नहर में धरने पर बैठे थे।

करीब 300 करोड़ की देवरी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का काम तीन साल बाद भी शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने पथरौटा की खाली नहर में करीब 24 घंटे तक धरना दिया। वर्ष 2023 में 154.33 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस परियोजना को लेकर किसानों ने विभागीय अधिकारियों से काम शुरू करने की लिखित समय-सीमा मांगी थी।
मंत्री जी और अधिकारियों की ओर से 8 से 10 महीने में काम शुरू करने का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। आंदोलन की जानकारी भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र ठाकुर के जरिए भोपाल पहुंचने पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से किसानों से बात की, उन्होंने किसानों को भोपाल आकर चर्चा करने का न्योता दिया, लेकिन किसान मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि परियोजना का काम कब शुरू होगा, इसकी समय-सीमा लिखित में दी जाए। इसके बाद मुख्य अभियंता आरआर मीना, कार्यपालन यंत्री राजश्री कटारे और ईई अंकित सराफ ने किसानों को लिखित पत्र सौंपा। इसमें परियोजना का काम 8 से 10 महीने में शुरू करने का आश्वासन दिया गया। पत्र मिलने के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
किसानों के अनुसार, मंगलवार को 10 किसानों का दल भोपाल जाकर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात करेगा। इस दौरान देवरी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की मौजूदा स्थिति, अब तक काम शुरू नहीं होने के कारणों और निर्माण कार्य शुरू करने की समय-सीमा पर चर्चा की जाएगी।