
Diwali 2023 : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। दीपावली पर्व के मद्देनजर घरों से लेकर बाजार तक हुई ताबड़तोड़ सफाई से शहर से निकलने वाले कचरे की मात्रा भी बढ़ गई है। सामान्य दिनों में शहर भर से 400- 450 टन ही कचरा निकलता था। वहीं दीपावली के मद्देनजर शहर से करीब 100 टन अतिरिक्त कचरा निकल रहा है। हाल के दिनों में शहर भर से निकलने वाले कचरे की मात्रा 500 से 550 टन तक हो गई है। शहर से निकले सूखे-गीले कचरे का उपयोग कठौंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में बिजली बनाने के लिए किया जा रहा है। शहर से पर्याप्त मात्रा में कचरा निकलने से एनर्जी प्लांट का उपयोग भी पूरी क्षमता से किया जा रहा है। प्लांट से इन दिनों रोजाना सात से आठ मेगावाट बिजली बनाई और बेची जा रही है।
दीपावली पर्व पर साफ-सफाई व्यवस्था बनी रहे इसके लिए मुख्य मार्गों से लेकर बाजार क्षेत्रों में तीन पालियों सुबह, शाम और रात में कचरा उठवाया जा रहा है। जबकि रात में हर क्षेत्र की सफाई कराई जा रही है। दिन भर कचरा परिवहन करते वाहन देखे जा रहे हैं। काम्पेक्टर से कचरा कठौंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट पहुंचाया जा रहा है। बताया जाता है कि दीपावली पर्व के बाद शहर से निकलने वाले कचरे की मात्रा दोगुनी हो जाएगी।
नगर निगम का दावा है कि कठौंदा में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट प्रदेश का ऐसा इकलौता प्लांट है जिसमें सूखे और गीले कचरे से बिजली बनाई जा रही है। प्लांट की स्थापना वर्ष 2016 में 178 करोड़ रुपये की लागत से की गई थी। 11 मई 2016 से कचरे से बिजली बनाने का काम शुरू हो गया था। प्लांट की क्षमता 11.7 मेगावाट प्रतिदिन की है। इसके लिए हर दिन करीब 600 टन कचरा आवश्यक है। वर्तमान में 500 से 550 टन कचरा पहुंचने से सात से आठ मेगावट बिजली उत्पादित की जा रही है।