
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नईदुनिया के अभियान 'भू-माफिया मगरूर, जनता मजबूर' का बड़ा असर हुआ है। जिला प्रशासन ने मंगलवार को जिला पंचायत की सीमा में आने वाली 98 कॉलोनियों को अवैध घोषित कर दिया। इन कॉलोनियों की जांच में ये सामने आया है कि नियम विरुद्ध तरीके से भूखंड बेचे गए गए। इनके पास न तो रेरा-टीएण्डसीपी की स्वीकृति मिली और न ही जिला प्रशासन कालोनी सेल की अनापत्ति। इसके बाद कॉलोनी सेल ने जिला पंजीयक को पत्र लिखकर यहां रजिस्ट्री पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
वहीं इन अवैध कॉलोनियों में, जो भूखंड पहले बिक गए और भूखंड मालिक ने अब तक उनका नामांतरण नहीं कराया है, उनके भी नामांतरण नहीं किए जाएंगे। प्रभारी अधिकारी कालोनी सेल के मुताबिक जिले के अंतर्गत न्यायालयीन कार्रवाई के दौरान 98 अवैध कॉलोनियां चिह्नित की गई। मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 339 (ड) (2) और मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61 (च) (2) के अंतर्गत अनाधिकृत रूप से कॉलोनी निर्माण कर भू-खंड बेचने पर उनकी रजिस्ट्री नहीं होगी।
98 अवैध कॉलोनियों को चिह्नित करने के बाद अब निर्माण करने वाले कॉलोनाइजर ने और कहां-कहां जमीन खरीदकर कॉलोनियों का निर्माण किया है, इसकी जांच होगी। इसके बाद कॉलोनाइजर, भूमाफिया पर एफआईआर की कार्रवाई होगी। वहीं इन अवैध कॉलोनियों में जिन्होंने पहले ही भूखंड खरीद लिया है, उन्हें किसी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें वहां पर बेहतर व्यवस्था मिले, इसके प्रयास होंगे।
नईदुनिया ने जिला पंचायत और नगर निगम की सीमा में बन रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जुलाई से सितंबर तक 'भू-माफिया मगरूर, जनता मजबूर' अभियान चलाया था। इसमें यह उजागर किया था कि अवैध कॉलोनियां बनाने वाले कॉलोनाइजर, बिल्डर और भूमाफिया, लोगों को गलत जानकारी देकर भूखंड बेच रहे हैं। इनके पास न रेरा और टीएण्डसीपी की अनुमति है और न ही जिला प्रशासन व नगर निगम की कॉलोनी सेल से स्वीकृति ली है। लोग परेशान हो रहे हैं। इसके बाद जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा कॉलोनियों की जांच के निर्देश दिए गए थे।
जबलपुर जिला प्रशासन लगातार अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कर रहा है। प्रशासन ने 98 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। जल्द ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। - राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर