• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर केंद्रीय कारागार के बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की अनूठी पहल, लोगों को भाई

कम समय के अंदर ही बंदियों के तैयार किए स्नैक्स अब लोगों की पसंद बन चुके हैं। स्वाद, गुणवत्ता और किफायती कीमत के कारण इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।

By Deepankar RoyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 04 Jul 2026 08:35:27 AM (IST)Updated Date: Sat, 04 Jul 2026 08:35:27 AM (IST)
जबलपुर केंद्रीय कारागार के बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की अनूठी पहल, लोगों को भाई
जेल में विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सौजन्‍य कारागार प्रशासन

HighLights

  1. जेल के समोसे बन रहे लोगों की पसंद, अब होम डिलेवरी की तैयारी
  2. बढ़ती मांग के बीच आनलाइन बिक्री की योजना पर विचार
  3. आत्मनिर्भर बना समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है उद्देश्य

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर।नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार की चारदीवारी के भीतर बंदियों के हाथों से तैयार होने वाले समोसे और आलूबंडे का जायका अब बाहर लोगों तक पहुंच गया है।

कारागार प्रशासन अब इन स्नैक्स की आनलाइन डिलीवरी शुरू

बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कारागार प्रशासन अब इन स्नैक्स की आनलाइन डिलीवरी शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है।

समोसे और आलूबंडे सीधे लोगों के घर तक पहुंच सकेंगे

यदि यह योजना साकार होती है तो जेल में तैयार समोसे और आलूबंडे सीधे लोगों के घर तक पहुंच सकेंगे। फिलहाल यह जेल के गेट पर केंटीन से बेचा जा रहा है।

उद्देश्य केवल स्वादिष्ट नाश्ता उपलब्ध कराना नहीं

कारागार प्रशासन का उद्देश्य केवल स्वादिष्ट नाश्ता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इसी सोच के तहत जेल में बंदियों को समोसा, आलूबंडा सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जेल प्रहरियों की निगरानी में संचालित की जाती है पूरी व्यवस्था

प्रशिक्षण प्राप्त बंदी जेल परिसर में ही स्नैक्स तैयार करते हैं। खुली जेल के बंदी जेल के बाहर संचालित कैंटीन के माध्यम से उनकी बिक्री करते हैं। पूरी व्यवस्था जेल प्रहरियों की निगरानी में संचालित की जाती है।

आठ बजे जेल से तैयार होकर स्नैक्स कैंटीन पहुंचते हैं

महंगाई के दौर में भी कैंटीन में समोसा और आलूबंडा मात्र 10 रुपये प्रति नग की कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। हर सुबह करीब आठ बजे जेल से तैयार होकर स्नैक्स कैंटीन पहुंचते हैं।

तीन से चार घंटे के भीतर स्टाक बिक जाता है

केंटीन को प्रारंभ हुए लगभग एक माह हुए है। धीरे-धीरे बिक्री बढ़कर प्रतिदिन लगभग एक हजार समोसे और आलूबंडे तक पहुंच गई है। इस योजना से जुड़े बंदियों को भी आर्थिक लाभ मिल रहा है।

प्रत्येक बिक्री पर 50 पैसे का कमीशन दिया जाता है

प्रत्येक समोसे या आलूबंडे की बिक्री पर उन्हें 50 पैसे का कमीशन दिया जाता है। इससे वे काम के प्रति प्रोत्साहित होते हैं और रिहाई के बाद रोजगार शुरू करने का आत्मविश्वास भी प्राप्त कर रहे हैं।

आयोजनों के लिए आर्डर भी लिए जा रहे हैं

स्नैक्स की बढ़ती मांग को देखते हुए कार्यालयों, संस्थानों और आयोजनों के लिए आर्डर भी लिए जा रहे हैं। कैंटीन में संपर्क कर उपभोक्ता पहले से आर्डर देकर तय समय पर डिलीवरी प्राप्त कर सकते हैं।

सेवानिवृत्त जेल कर्मचारी निभा रहे हैं जिम्मेदारी

वर्तमान में एक सेवानिवृत्त जेल कर्मचारी जेल से कैंटीन तक समोसे और आलूबंडे पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिसके लिए उन्हें पारिश्रमिक भी दिया जाता है। निर्माण में जेल के बंदी और कैंटीन में समोसा, आलूबंडा विक्रय की जिम्मेदारी खुली जेल के बंदी संभाल रहे है। इस प्रक्रिया से बंदी प्रशिक्षण प्राप्त कर रिहा होने के बाद आत्मनिर्भर बन सकते है।


कौशल विकास और रोजगार के अवसर बंदियों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बंदियों को पाककला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनके तैयार किए स्नैक्स के विक्रय के लिए कैंटीन शुरू की गई है। लगातार मांग आ रही है, इसे देखते हुए आनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफार्म से जुड़ने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

- मदन कमलेश, जेल अधीक्षक

यह भी पढ़ें- जबलपुर में लुटेरी दुल्‍हन, शादी के तीन दिन बाद ब्यूटी पार्लर का कहकर गायब, तीन लाख के आभूषण साथ ले गई