
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। दीपावली का त्योहार करीब आ गया है और शहर में पटाखों का थोक कारोबार तेजी पकड़ चुका है, लेकिन बच्चों की आंखों के लिए खतरनाक कार्बाइड गनों की बिक्री रोकने प्रशासनिक कार्रवाई अब तक जमीन पर नजर नहीं आ रही है।
गत वर्षों में इन गनों के इस्तेमाल से बच्चों की आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचने के मामले सामने आने के बाद प्रदेश में इनके विक्रय पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद बाजार में चोरी छिपे और आनलाइन प्लेटफार्म पर दूसरे नामों से इनकी बिक्री की आशंका चिंता बढ़ा रही है।
जबलपुर जिले ने कार्बाइड गनों की आपूर्ति, भंडारण और बिक्री रोकने के लिए रणनीति तैयार की है। एसडीएम की अध्यक्षता में गठित होने वाली टीमों में पुलिस और नगर निगम के अधिकारी शामिल रहेंगे। इन्हें पटाखा दुकानों और भंडारण केंद्रों की जांच कर प्रतिबंधित गनों की उपलब्धता का पता लगाना है।
इस टीम पर कार्बाइड गन के परिवहन, भंडारण एवं विक्रय की सूचना पर तुरंत कार्यवाही की जिम्मेदारी रहेगी। हालांकि प्रशासन की गठित टीमें अभी तक प्रभावशील नहीं होने से कार्बाइड गन का विक्रय रोकने प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद दम तोड़ रही है।
राज्य सरकार से मिले निर्देशों के बाद पुलिस ने जिले में कार्बाइड गनों के अवैध विक्रय पर शिकंजा कसने तैयारी कर रली है। प्रत्येक थाना स्तर पर कार्बाइड गन से संबंधित जांच और छानबीन के लिए दल गठित किया जा रहा है।
नवरात्र की भीड़ संभालने के बाद पुलिस वीआईपी मूवमेंट और अन्य आयोजनों की व्यवस्थाओं में व्यस्त रही। इनसे मुक्त होने के बाद मंगलवार से पुलिस पटाखा व्यापारियों के ठिकानों पर दबिश देगी। व्यापारियों को इस गन के नुकसान और अवैध विक्रय पर दंड संबंधी प्रविधानों की भी जानकारी देगी।