
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती मांग के चलते हवाई यात्रा महंगी होती जा रही है। इंडिगो ने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव के बाद घरेलू उड़ानों के किराए में बढ़ोतरी की है, जिसका असर जबलपुर से संचालित उड़ानों पर भी देखने को मिल रहा है। जबलपुर एयरपोर्ट से इंडिगो और अलायंस एयर की सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें इंडिगो की उड़ानों की संख्या अधिक है। हाल ही में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते वैश्विक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है, जिससे किराए में वृद्धि हुई है।
दिल्ली-जबलपुर रूट पर जहां पहले किराया 4500 से 5000 रुपये के बीच था, वह अब बढ़कर 6000 रुपये से अधिक हो गया है। वर्तमान में यह किराया 5400 से 6000 रुपये के बीच चल रहा है। इसी तरह, जबलपुर से मुंबई का किराया 6700 से 7000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि हैदराबाद के लिए 7500 से 8400 रुपये तक देना पड़ रहा है। बेंगलुरु और अन्य शहरों के किराए में भी 1500 से 2000 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी की छुट्टियों के दौरान बढ़ी हुई यात्रियों की संख्या और सीमित उड़ानों के कारण किराए पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
चंद माह पहले विमान सेवा के लिए तैयार हुए रीवा एयरपोर्ट में अलायंस एयर कंपनी अधिक मेहरबान है। कंपनी ने रीवा से कई शहरों के लिए उड़ान शुरू की है। जबलपुर से दिल्ली के लिए विमान सेवा बंद कर रीवा से दिल्ली के लिए सेवा प्रारंभ कर दी गई है। अंदरूनी स्तर पर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के प्रभाव में अलायंस एयर ने रीवा से उड़ान प्रारंभ की। इससे विमान कंपनी को सकारात्मक परिणाम मिले और यात्री भरपूर मिल रहे हैं। इधर जबलपुर में राजनीतिक इच्छा शक्ति दम तोड़ती नजर आ रही है।
इंडिगो की जबलपुर से उड़ान सेवा होने से कंपनी का एकाधिकार है, जिस वजह से किसी भी हालात में यात्री विमान से यात्रा करने मजबूर होते हैं। अभी तक सप्ताह में 48 उड़ान थी जो दो विमान सेवा बंद होने के बाद 44 उड़ान प्रति सप्ताह हो चुकी है। अलायंस एयर की उड़ान बंद होने के बाद सिर्फ इंडिगो ही बची है जिसकी विमान सेवा संचालित हो रही है। कम कंपनी होने से किराया अधिक देना होगा और विमान कंपनियों की मोनोपॉली हावी रहेगी। यात्रियों को अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा। त्योहार के वक्त जब यात्री अधिक होते हैं उस समय सीट की मारामारी होगी, ऐसे में विमान कंपनी अधिक किराया वसूल कर सकती है।
जबलपुर से फिलहाल दिल्ली, इंदौर, नवी मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए विमान सेवा उपलब्ध है। हालांकि उड़ानों की कमी और ऊंचे किराए ने यात्रियों के लिए हवाई सफर को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इंडिगो के अधिकारियों का कहना है कि किराए में केवल मामूली वृद्धि की गई है, हालांकि यात्रियों के लिए यह बढ़ोतरी जेब पर असर डालने वाली साबित हो रही है।
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