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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, नियमित लेक्चरर्स की नियुक्ति से गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं नहीं होंगी समाप्त

हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि किसी कॉलेज में नियमित व्याख्याता की नियुक्ति हो जाने मात्र से गेस्ट फैकल्टी की सेवा समाप्त नहीं क...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: manoj dubey
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 07:50:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 07:54:24 PM (IST)
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, नियमित लेक्चरर्स की नियुक्ति से गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं नहीं होंगी समाप्त

HighLights

  1. अन्य कॉलेजों में रिक्त पद होने पर वहां समायोजन का अवसर देना होगा
  2. वैकल्पिक पदस्थापना स्वीकार नहीं करने पर ही सेवा समाप्ति की कार्रवाई
  3. याची गेस्ट फैकल्टी थी, दूसरे व्याख्याता की नियमित नियुक्ति हो गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि किसी कॉलेज में नियमित व्याख्याता की नियुक्ति हो जाने मात्र से गेस्ट फैकल्टी की सेवा समाप्त नहीं की जा सकती।

हाई कोर्ट ने कहा कि यदि अन्य कॉलेजों में रिक्त पद उपलब्ध हैं, तो संबंधित गेस्ट फैकल्टी को वहां समायोजन का अवसर देना होगा। यदि वह वैकल्पिक पदस्थापना स्वीकार नहीं करती है, तभी शासन सेवा समाप्ति की कार्रवाई कर सकता है।


याची गेस्ट फैकल्टी थी, दूसरे व्याख्याता की नियमित नियुक्ति हो गई

दरअसल, रीवा निवासी सुमन वर्मा की याचिका में बताया गया कि जिस कॉलेज में वह गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत थीं, वहां नियमित व्याख्याता भावना डेहरिया की नियुक्ति हो गई है, जिससे उनकी सेवा समाप्त होने की आशंका पैदा हो गई।

ग्वालियर खंडपीठ के पूर्व न्याय दृष्टांत का भी हवाला दिया गया

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि प्रदेश के अनेक शासकीय महाविद्यालयों में अब भी रिक्त पद हैं। ऐसे में सीधे सेवा समाप्त करना न्यायसंगत नहीं होगा। सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के पूर्व न्याय दृष्टांत का भी हवाला दिया गया।

यह भी पढ़ें- प्रमोशन में आरक्षण: पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगाने से हाई कोर्ट का फिलहाल इनकार, अब 13 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

सभी पक्षों पर विचार करने के बाद अदालत ने शासन को वैकल्पिक पदस्थापना का अवसर देने का निर्देश देते हुए याचिकाकर्ता को राहत प्रदान की।