
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भारत-पाकिस्तान के वर्ष 1971 में हुए युद्ध में मिली भारत की विजय स्मृति का इस वर्ष स्वर्णिम विजय वर्ष मनाया जा रहा है। इसी उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 दिसंबर, 2020 को अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट दिल्ली से देश की चारों दिशाओं में स्वर्णिम विजय मशालों को रवाना किया था। इन्हीं में से एक विजय मशाल एक अक्टूबर को जबलपुर पहुंची थी। जिसका जीआरसी स्थित परमवीर चक्र कर्नल होशियार सिंह परेड ग्राउंड में स्वागत किया गया था।
जगह-जगह किया गया स्वागत : एक अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वर्णिम विजय मशाल का स्वागत किया। जिसमें छावनी क्षेत्रों के अलावा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, वन एमपी एनसीसी बटालियन, माता गुजरी महाविद्यालय, संत अलायशियस, मानकुंवर बाई महिला महाविद्यालय, शासकीय विज्ञान, शासकीय महाकोशल महाविद्यालय में मशाल का स्वागत किया गया। इसके साथ ही नर्मदा तट ग्वारीघाट, शहीद स्मारक, सीओडी फैक्टरी में भी मशाल का भ्रमण हुआ। मशाल के स्वागत में सेना के जवानों द्वारा रोड शो, विजय रन भी आयोजित की गई। जिसका उद्देश्य आम जनता को, युवाओं को बच्चों तक यह जानकारी पहुंचाना कि इस विजय मशाल के आने का उद्देश्य क्या है। 1971 के युद्ध में किस तरह भारत के वीर सैनिकों के सामने पाकिस्तान की सेना ने घुटने टेक दिए थे। दस दिनों तक शहर में रहने के बाद स्वर्णिम विजय मशाल को द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर स्थित चक्र स्क्वेयर से झंडी दिखाकर रायपुर के लिए रवाना किया गया। इस अवसर जीओसी मध्यभारत एरिया लेफ्टिनेंट जनरल एस मोहन, एसएम, वीएसएम मौजूद रहे। 50 मोटर साइकिल चालकों के बीच फूलों से सजे वाहन पर मशाल को रखकर रायपुर रवाना किया गया। सभी सैनिकों ने विजय मशाल को सलामी देकर वीरों को नमन किया।