• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ के जंगल में लगी आग, बुझाने में जुटा अमला

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितोली, मगधी और ताला जोन में आग लगी हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय में आग लगने की जानकारी मिली।

By Ravindra SuhaneEdited By: Ravindra Suhane
Publish Date: Wed, 31 Mar 2021 09:50:59 AM (IST)Updated Date: Wed, 31 Mar 2021 09:50:59 AM (IST)
Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ के जंगल में लगी आग, बुझाने में जुटा अमला

उमरिया, नईदुनिया प्रतिनिधि। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगल में कई जगह आग लगने की जानकारी सामने आ रही है। बताया गया है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितोली, मगधी और ताला जोन में आग लगी हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय में आग लगने की जानकारी मिल रही है। आग लगने की पुष्टि प्रबंधन ने भी की है। साथ यह भी बताया है कि आग पर नियंत्रण की पूरी कोशिश की जा रही है। गर्मी के दिनों में इस तरह की घटनाएं आम तौर पर जंगल के अंदर हो जाती हैं, लेकिन इस बार आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बताया गया है कि पिछले 3 दिनों में अलग-अलग जगह आग लगने की जानकारी सामने आई है आग लगने की जानकारी सामने आने के बाद फायर लाइन काटने का काम तेज कर दिया गया और वन हमले को अलर्ट कर दिया गया।

ग्रामीण लगाते हैं आग: बताया गया कि जंगल में महुआ बीनने के लिए जाने वाले ग्रामीण आग लगा देते हैं। दरअसल गांव के लोग महुआ के पेड़ के नीचे पड़े पत्तों में आग लगाते हैं, ताकि जमीन साफ हो जाए और गिरने वाला महुआ दिखाई पड़े। पत्तों की वजह से महुआ दिखाई नहीं पड़ता और पत्तों के नीचे छिप जाता है। यही कारण है कि आग लगाकर पत्तों को जला दिया जाता है और इस तरह से सफाई की जाती है। लेकिन यह आग कभी-कभी भड़क जाती है और जंगल तक पहुंच जाती है जिससे बड़ी घटनाएं होने लगती हैं।


भारी नुकसान की आशंका: जंगल में लगी आग के कारण भारी नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है। बताया जा रहा है कि आग में न सिर्फ जंगल के कीमती पेड़ जल गए हैं बल्कि पशु पक्षियों को भी नुकसान हुआ है। हालांकि अभी पशु पक्षियों के नुकसान की कोई पुष्टि पार्क प्रबंधन ने नहीं की है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर विंसेंट रहीम का कहना है कि आग लगने की घटना की जानकारी मिलने के बाद वन अमला आग बुझाने में सक्रिय हो गया था। आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। नुकसान का आकलन अभी नहीं हुआ है। पशु पक्षियों की मौत की भी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

हर साल होती है घटना: जंगल में आग लगने की घटनाएं लगभग हर साल होती हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अलावा रेगुलर फॉरेस्ट में भी जंगल के अंदर ग्रामीण आग लगा देते हैं। जिससे वन अमले को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। हालांकि गर्मी की शुरुआत में ही वन अमले को अलर्ट कर दिया जाता है कि गांव के लोग लोगों पर नजर रखें ताकि वे आग न लगाने पाएं। 2 साल पहले भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बुरी तरह से आग लग गई थी और काफी पेड़ जलकर नष्ट हो गए थे। इसके अलावा घुनघुटी के जंगल में भी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था।