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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ladli Behna Yojana: भैया की सौगात पर बैंकों का ग्रहण, बहनाओं के खाते में राशि आते ही बैंकों ने काटी

Ladli Behna Yojana: महिलाओं के खाते में एक हजार रुपये आते ही बैंकों ने कई महिलाओँ के खाते में विभिन्न चार्जेस बताकर राशि काट ली।

By Rahul RaikwarEdited By: Rahul Raikwar
Publish Date: Sat, 17 Jun 2023 04:06:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Jun 2023 04:06:08 PM (IST)
Ladli Behna Yojana: भैया की सौगात पर बैंकों का ग्रहण, बहनाओं के खाते में राशि आते ही बैंकों ने काटी

Ladli Behna Yojana: जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत लाड़ली बहनों के खातों में उनके भैया की ओर से पहली किस्त आ चुकी है। लेकिन बहती गंगा में हाथ का धोने का काम बैंक कर रहे हैं। खातों में पैसा आते ही बैंकों ने मिनिमन बैलेंस का संतुलन बनाने हितग्राहियों के खातों से पैसे कट कर लिए। इस तरह से सौगात मिलने के बावजूद हितग्राही बहनों को फटका लग गया। महिलाओं को बैंकों ने सीधे कह दिया है कि अब अगले माह से उन्हें पूरा पैसा मिलेगा।

ठगा महसूस कर रही महिलाएंः

शासन की ओर से लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरित की जाने लगी है। 10 जून को सीएम की ओर से इसकी औपचारिक शुरुआत की जा चुकी है। जो बहनें अब तक बैंक नहीं पहुंचीं उनका तो नहीं पता, लेकिन जो पहुंचीं उनमें से अनेक के खातों से न्यूतनतम बैलेंस मेंटेंन नहीं रख पाने की वजह से राशी काट ली गई। जिन महिलाओं के खाते बहुत पुराने हैं और उनमें बैलेंस नहीं रहा, तो उनके खाते लगभग खाली हो गए। एलबीवाय की राशि अंतरित होने के साथ ही संबंधित खातों का हिसाब बराबर कर लिया गया। इस मामले में जहां हितग्राही खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं वहीं बैंकों के अफसर राशि काटना बैंकों की नीतिगत मजबूरी बता रहे हैं।


एसएलबीसी के निर्देश अलग

इस मामले में स्टेेट लेबल बैंकर्स कमेटी की बैठक में बैंकों काे राशि नहीं काटने के लिए कहा गया है। आरबीआई के निर्देशानुसार भी प्रधानमंत्री जन-धन योजना के खातों और बेसिक सेविंग बैंक खातों में न्यूनतम बैंलेंस रखने की बाध्यता नहीं है। इसलिए बैंक ऐसे खातों से सेवा शुल्क नहीं काट सकते। एसएलबीसी ने भी बैंकों को निर्देशित किया है कि वे महिलाओं के निष्क्रिय खातोंं को प्रधानमंत्री जन-धन खातों में परिवर्तित किया जाए। ताकि खातों में अंतरित राशि जमा हो सके। हालांकि बैंकों में पदस्थ स्थानीय अधिकारी इससे अनभिज्ञ हैं।

इनका कहना है

मेरा यूनियन बैंक में खाता है। जब मैं बैंक से लाड़ली बहना योजना का पैसा निकलवाने पहुंची तो पता चला कि उसमें से बैंक ने पैसे काट लिए हैं। बैंक का कहना है कि खाते में लंबे समय से बैलेंस नहीं है, इससे सर्विस चार्ज काट लिया गया है। -प्रीति गुहेरा, मोदीवाड़ा सदर

बैंक खाते में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि तो आ चुकी है, लेकिन वो मिल नहीं पा रही, क्योंकि बैंक ने मिनिमम बैंलेस मेंटेन नहीं रख पाने की वजह से पैसे काट लिए हैं। बैंक वाले इस बारे में कुछ भी ठीक से बताने तैयार नहीं हैं। -श्वेता रैकवार, घमापुर

खातेदार का अगर उसके खाते में मिनिमम बैंलेंस नहीं होगा तो बैंक का साफ्टवेयर जमा की जाने वाली किसी भी राशि में से अपने आप सर्विस टेक्स के रूप में राशि काट लेगा। इस बारे में स्टेट लेबल बैंकर्स कमेटी के निर्देशों की जानकारी नहीं है। -विवेक कुमार, एलडीएम