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बरगी बांध क्रूज हादसा: घटना के 40 घंटे के भीतर ही क्रूज को टुकड़े-टुकड़े कर देने पर नया विवाद, सबूत मिटाने का आरोप

बरगी बांध में क्रूज हादसे की जांच पूरी होने के पहले ही उसे नष्ट किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना के 40 घंटे के भीतर ही क्रूज को टुकड़े-टुकड़े...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 05 May 2026 09:20:33 PM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2026 11:04:31 PM (IST)
बरगी बांध क्रूज हादसा: घटना के 40 घंटे के भीतर ही क्रूज को टुकड़े-टुकड़े कर देने पर नया विवाद, सबूत मिटाने का आरोप
बरगी बांध क्रूज हादसा (AI Generated Image)

HighLights

  1. जांच से पहले क्रूज नष्ट करने पर साक्ष्य मिटाने का विवाद खड़ा हुआ
  2. पायलट पर 'आपराधिक मानव वध' की धाराओं में FIR का आदेश
  3. क्रूज पलटने से 13 लोगों की मौत, प्रशासन ने आरोपों को नकारा

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी बांध में क्रूज हादसे की जांच पूरी होने के पहले ही उसे नष्ट किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना के 40 घंटे के भीतर ही क्रूज को टुकड़े-टुकड़े कर देने से नया विवाद भी खड़ा हो गया है। इस दुर्घटना में सुरक्षित बचे पर्यटक और पेशे से अधिवक्ता रोशन आनंद का आरोप है कि जांच पूरी होने से पहले दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को नष्ट कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई है। क्रूज की जांच के लिए दो बिंदु महत्वपूर्ण थे- इंजन लाइन व बाडी लाइन। क्रूज नष्ट किए जाने से इन दोनों बिंदुओं पर होने वाली जांच प्रभावित होगी। कोई ठोस साक्ष्य मिलने पर संदेह है। रोशन आनंद इसकी शिकायत जल्द ही प्रशासन व पुलिस से करने की बात कह रहे हैं।

जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

इस बीच, क्रूज दुर्घटना के मामले में जिला न्यायालय ने जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में क्रूज या नाव संचालित करने वाला कोई भी व्यक्ति अनहोनी होने पर लोगों को डूबता हुआ छोड़ेगा और इसकी पुनरावृत्ति होगी। बता दें, घटना गुरुवार (30 अप्रैल) शाम हुई थी। एक मई को क्रूज को खींचकर तट तक लाया गया। इसमें लापता पर्यटकों में से पांच के शव मिले। दो मई को क्रूज को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया। क्रूज में 41 लोग सवार थे। इसमें से 28 बचा लिए गए, जबकि 13 लोगों की मौत हो गई।


साक्ष्य मिटाने के आरोपों को बताया निराधार

पर्यटन विभाग के सचिव इलैया राजा टी. के अनुसार, क्रूज पलटने के बाद रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया था। क्रूज का बड़ा हिस्सा टूट गया था और उसे क्रेन से खींचकर बाहर निकाला गया। राहत दल ने उसके संबंध में सभी निर्णय लिए और नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। वहीं जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि बांध से बाहर निकालने के क्रम में क्रूज क्षतिग्रस्त हुआ। क्रूज में लापता लोगों के फंसे होने की आशंका थी, इसलिए क्रूज तोड़कर साक्ष्य मिटाने के आरोप निराधार हैं।

पायलट की लापरवाही पर न्यायालय का स्वतः संज्ञान

बरगी क्रूज हादसे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) डीपी सूत्रकार ने मंगलवार को एफआइआर का आदेश जारी कर कहा कि मीडिया समाचारों से कोर्ट के संज्ञान में ये तथ्य आए हैं कि चालक (पायलट) द्वारा क्रूज लापरवाहीपूर्वक चलाया गया। क्रूज की गतिविधियों से परिचित होने पर भी पायलट पर्यटकों को डूबता छोड़कर सकुशल बच निकला। पायलट द्वारा उन्हें बचाने का कोई प्रयास न किया जाना बीएनएस की धारा 106 और धारा 110 (आपराधिक मानव वध करने का प्रयत्न) के तहत अपराध है। इस मामले में एफआइआर दर्ज कर जांच नहीं हुई तो इसकी पुनरावृत्ति होगी। बता दें, पायलट महेश पटेल और क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।

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