जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बिजली कंपनी ने वसूली को लेकर अब हर तरफ हाथ-पैर मारना शुरू कर दिया है। सरकारी हो या गैर सरकारी। होटल मालिक या फिर उद्योगपति, शिक्षण संस्थान। किसी से कोई रहमदिली नहीं। सिर्फ बिजली का बिल भरो, वरना बिना बिजली के रहने की आदत डाल लो। पूर्व क्षेत्र कंपनी ने 5 लाख रुपये से ज्यादा के बकायादारों की सूची जारी की है इसमें 46 बकायादार है जिनसे कपंनी के 5.51 करोड़ रुपये वसूलने है। कंपनी ने साफ किया गया है कि पैसा नहीं किया तो कंपनी इनकी संपत्ति कुर्क करेगी।

दरअसल प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों पर वित्तीय बोझ लगातार बढ़ रहा है। शासन स्तर पर प्रमुख सचिव लगातार अफसरों को राजस्व जुटाने के लिए दवाब बना रहे हैं। ऐसे में कंपनी ने न्यायालय तक में पेंडिंग मामलों की वसूली तेज कर दी है। उपभोक्ता जब इसका विरोध कर रहे हैं तो उन्हें साफ कहा जा रहा है कि निर्णय जब आएगा तब देखेंगे लेकिन अभी तो जुर्माने की रकम जमा करो।

इनकी काटी बिजली, अब संपत्ति कुर्की की तैयारी: बिजली कंपनी ने वसूली के लिए 45 बड़े बकायादारों की बिजली काट दी है यदि फिर भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।

निर्माणाधीन कार्य:

डेयरी- वाहिद डेयरी में सीधे बिजली चोरी हो रही थी अब लाइन काट दी गई है। इस पर 6.93 लाख का बकाया।

फैक्ट्री- मैदा फैक्ट्री विजय नगर फीडर में दयाराम धरमपुरिया के नाम कनेक्शन है। ​कंपनी का 32 लाख रुपये से ज्यादा का बिल बकाया है। विजय नगर क्षेत्र में ही मसाला फैक्ट्री संचालक दिलीप लालवानी पर 6.13 तथा नरेश कुमार बुधरानी की प्लास्टिक फैक्ट्री पर 18.73 लाख रुपये से ज्यादा बिल बकाया है। आधारताल औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक फैक्ट्री अशोक लालवानी पर 7.70 लाख बकाया है।

डॉक्टर- डॉ.अल्पना राय गढ़ा पर 11.14 लाख से ज्यादा, डॉ.एससी पांडे पर 38 लाख,डॉ. एस के परवानी सिविल लाइन पर 9 लाख रुपये का जुर्माना बकाया है।

होटल- जीएस बग्गा गढ़ा दक्षिण संभाग पर 8.67 लाख रुपये।

निगम कर रहा था बिजली चोरी- पूर्व क्षेत्र कंपनी ने नगर निगम आयुक्त के खिलाफ बिजली चोरी का बकाया निकाला है। घमापुर फीडर के चौधरी मोहल्ला में डायरेक्ट बिजली चोरी हो रही थी। जिसका जुर्माना 5.44 लाख रुपये बना है। वहीं मोदीवाड़ा सदर में स्ट्रीट लाइट का 6.61 लाख रुपये बिल बकाया है। प्रबंध संचालक एकेवीएन पर बिजली कनेक्शन का उद्ेश्य बदलने के लिए बरेला डीसी ने 5.91 लाख का जुर्माना लगाया है। जल विभाग पीडब्ल्यूडी पर 6.44 लाख रुपये बकाया है। गोल्डन एग्रीकल्चर वेंचर नाम की मशरूम उत्पादक इकाई पर बिजली चोरी का मामले में 19.88 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना बकाया है। एटीसी टॉवर रमेश प्रताप सिंह रिछाई फीडर पर 16.95 लाख रुपये बिजली चोरी का जुर्माना है।

इन जिलों में भी बकायादार: कंपनी के 5 लाख रुपये से ज्यादा बकायादारो में जबलपुर शहर, ग्रामीण के अलावा सतना, कटनी, दमोह,​ टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, बालाघाट, छतरपुर और रीवा जिले के उपभोक्ता शामिल है। रीवा जिले के सबसे ज्यादा स्टोन क्रेशन संचालक पर बिल बकाया है। वहीं सागर की ​डॉ.हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी पर 25.86 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है।

वर्जन..

बिजली बकायादारों की सूची जारी की गई है। इसमें सरकारी और गैर सरकारी सभी संस्थान है जिनसे बिजली कंपनी को राशि वसूल करनी है। उक्त सभी उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई बंद की गई है। यदि फिर भी राशि जमा नहीं हुई तो संपत्ति कुर्क की जाएगी। इस संबंध में पत्र जारी हो चुके हैं।

प्रमोद कुमार क्षत्रिय, मुख्य महाप्रबंधक सर्तकता पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

Posted By: Ravindra Suhane

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