
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रांझी के गोकलपुर स्थित आजाद नगर में शरद पूर्णिमा पर भंडारे के दौरान मोटरसाइकिल धीरे चलाने की नसीहत देना एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। रविवार रात हुए विवाद में लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर कई लोगों को घायल करने वाले आरोपितों की मारपीट में गंभीर रूप से घायल कंचनपुर निवासी पारस यादव (48) की सोमवार शाम उपचार के दौरान मौत हो गई। हमले में महिला-बच्चों समेत कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है। पुलिस ने चारों आरोपितों को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। घायल की मौत के बाद मामले में आरोपितों पर हत्या की धाराएं बढ़ाई जा रही है।
आजाद नगर में दुर्गा मंदिर के पीछे रविवार रात करीब 10 बजे जागरण और भंडारा चल रहा था। प्रसाद वितरण के कारण सड़क पर श्रद्धालुओं की भीड़ थी, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। इसी दौरान आजाद नगर निवासी समीर वंशकार का बेटा यश तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल चलाते हुए वहां से निकला। लोगों ने दुर्घटना की आशंका जताते हुए उसे धीरे वाहन चलाने की समझाइश दी। इस पर युवक ने आपत्ति जताई और कहासुनी के बाद वहां से चला गया।
विवाद के कुछ देर बाद समीर वंशकार अपने साथी रोहित, छोटू और यश के साथ लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर पहुंचा। इस दौरान भंडारा आयोजित करने के बदले पांच हजार रुपये देने की मांग की। भंडारा करा रहे श्रृद्धालुओं के रुपये देने से मना करने और विरोध करने पर आरोपितों ने मारपीट शुरू कर दी। यश को बाइक तेज चलाने पर टोकने वाले रविशंकर गोटिया पर डंडे से हमला कर उनके सिर, हाथ और कमर में चोट पहुंचाई गई।
बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों पर भी हमला किया गया। आरोपितों ने ईंटें फेंकीं और चाकू से वार कर पप्पू बर्मन और अनुज कोल को घायल कर दिया। घटना में रविशंकर, रागिनी गोटिया, पारस यादव, आदि गोटिया, बिट्टू झारिया और मनीषा गोटिया समेत कई लोग घायल हुए। मारपीट के बाद आरोपित जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले।
बीच-बचाव के लिए पहुंचे पारस यादव के सिर पर डंडे से जोरदार प्रहार किया गया था। उन्हें पहले राइट टाउन स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार दोपहर हालत बिगड़ने पर मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया, जहां शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया। पारस पेंटिंग-पुताई का काम करते थे। वह पहले गोकलपुर में रहते थे और कुछ समय से परिवार के साथ कंचनपुर में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अक्षत 12वीं में पढ़ता है, जबकि छोटा प्राथमिक कक्षा का विद्यार्थी है। पारस परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि समीर पहले भी अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा है और क्षेत्र में दबदबा बनाए रखना चाहता था। वह विशेष अवसरों पर ढोल बजाने का काम करता था। इस बार उसे नवरात्र में ढोल बजाने के लिए नहीं बुलाया गया था, जिससे वह नाराज था। स्थानीय पार्षद राजेश कुमार यादव ने घटना पर नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन की चेतावनी दी। लोगों ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। इसके बाद रांझी पुलिस ने आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर देर रात चारों आरोपितों को दबोच लिया। हालांकि गिरफ्तारी की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।