नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र के एक निजी बैंक के अधिकारी ने उनकी शाखा से लेन-देन करने वाले एक व्यापारी को ज्यादा ब्याज के लालच में फंसाया। निवेश के नाम पर उसके 55 लाख रुपये हड़प कर गायब हो गया। मामले में शुक्रवार को आरोपित बैंक अधिकारी अंकित कुमार पटेल के विरुद्ध गोरखपुर थाना में धोखाधड़ी का एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपित फरार है।
कटंगा निवासी विनोद कुमार सविता (51) विनोद एंड एसोसिएट और पोरस ग्रुप फार्मलैण्ड फर्म के संचालक है। उनकी दोनों फर्म का एक्सिस बैंक की कटंगा शाखा में खाता है। जिससे लेन-देन को लेकर विनोद का बैंक में आना-जाना रहता है। इसी दौरान बैंक में सहायक प्रबंधक अंकित कुमार पटेल उनके कार्यों में सहयोग करने लगा। धीरे-धीरे उनकी पहचान बढ़ गई। इस दौरान व्यापारी से सहायक प्रबंधक बैंक से संबंधित कई बातें भी साझा करने लगा। एक दिन बातों-बातों में उसने विनोद को बताया कि बैंक में कई खाते एनपीए (गैर निष्पादित परिसंपत्ति) हो रहे है। इससे बैंक की साख प्रभावित होगी। यदि वह ऐसे खातों में कुछ रााशि निवेश कर उन्हें एनपीए होने से बचाता है तो बैंक की ओर से कई अतिरिक्त सुविधाएं एवं लाभ दिया जाएगा। जमा की गई राशि को बैंक एक प्रतिशत अधिक ब्याज के साथ वापस करेगा। इस झांसे में विनोद आ गए।
सहायक प्रबंधक ने विनोद को वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर जमा की गई राशि को वापस करने का बोला था। अप्रैल माह में जब विनोद ने उसे फोन किया तो भुगतान प्रक्रिया में होना बताया। कुछ समय बाद दोबारा फोन करने पर उसने स्वास्थ्य खराब होना बताया। ठीक होते ही उसके रुपये वापसी की प्रक्रिया करने की बात कही। फिर कुछ समय बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। कुछ समय से उसका फोन बंद बताने लगा। तब विनोद ने पुलिस के पास पहुंचकर धोखाधड़ी की शिकायत किया।
अंकित के कहने पर विनोद ने दिसंबर, 2024 से मार्च, 2025 के बीच अलग-अलग खाते में रुपये स्थानांतरित किए। फर्म विनोद एंड एसोसिएट से 27 लाख 81 हजार रुपये और पोरस ग्रुप फार्मलैण्ड के खाता से 27 लाख 31 हजार 800 रुपये भेजे गए। यह राशि देवेश, पिंकी मिश्रा, अनिल लाल एंड कम्पनी स्माल फाइनेंस बैंक लिमिटेड, अमित कुमार सोनी, पिंकी मेहरा, अमित कुमार सोनी, हर्षिता राय, पूनम सोनी सहित कुछ अन्य व्यक्तियों के खाते में भेजी गई है।