
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बालाघाट जिले के हेडमास्टरों और उच्च श्रेणी शिक्षकों को लेक्चरर पद पर पदोन्नति नहीं दिए जाने का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है।
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने शासन से यह पता करने के लिए समय दिया है कि बालाघाट जिले के संबंधित हेडमास्टरों व उच्च श्रेणी शिक्षकों के प्रकरणों पर विभागीय पदोन्नति समिति ने विचार किया था या नहीं।
मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। देवेंद्र पटले व अन्य की ओर से अधिवक्ता करण सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता बालाघाट जिले में पदस्थ थे, लेकिन उन्हें लेक्चरर पद पर पदोन्नति नहीं दी गई।
अधिवक्ता ने कहा कि किसी चूक के कारण पदोन्नति प्रक्रिया में बालाघाट जिला छूट गया और विचारणीय दायरे में आने वाले हेडमास्टरों के प्रकरणों पर पदोन्नति के लिए विचार नहीं किया गया। उन्होंने डीपीसी की ओर से प्रथमदृष्टया गलती होने की बात भी रखी।
राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता ऐश्वर्या सिंह ने निर्देश प्राप्त करने के लिए अल्प समय देने का अनुरोध किया। उन्होंने यह पता करने के लिए समय मांगा कि बालाघाट जिले के हेडमास्टरों व उच्च श्रेणी शिक्षकों के प्रकरणों पर डीपीसी ने पदोन्नति के लिए विचार किया था या नहीं। कोर्ट ने समय देते हुए मामले को 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।