MP पुलिस ड्राइवर भर्ती में आयु छूट पर विवाद, तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट का मामला हाई कोर्ट पहुंचा, नोटिस जारी
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में आरक्षक (चालक) भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 09:07:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 09:08:21 PM (IST)
HighLights
- लगभग दस साल बाद भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ है
- भर्ती विज्ञापन में निर्धारित आयु सीमा में राहत देने की मांग
- फिलहाल दोनों उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति मिली
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में आरक्षक (चालक) भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने दो याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान की।
हालांकि, उनके परीक्षा परिणाम हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे। न्यायालय ने कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
लगभग दस साल बाद भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ है
याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी गोकुल शर्मा व सतना निवासी रोमेश सिंह बघेल वर्तमान में पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। रोमेश सिंह बघेल की उम्र लगभग 39 वर्ष आठ माह और गोकुल शर्मा की उम्र करीब 40 वर्ष है। दोनों की ओर से अधिवक्ता मोहित वर्मा ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आरक्षक चालक के पदों पर लगभग दस साल बाद भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ है।
लंबे अंतराल के कारण वे निर्धारित अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं, जबकि शैक्षणिक और शारीरिक योग्यता की अन्य शर्तें पूरी करते हैं। ऐसे में केवल आयु अधिक होने के आधार पर उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना उचित नहीं है।
आरक्षक चालक की मौजूदा भर्ती में भी इस छूट का लाभ मिलना चाहिए
याचिकाकर्ताओं ने सामान्य प्रशासन विभाग के 18 सितंबर, 2022 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रभावित भर्तियों को देखते हुए सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी गई थी। उनका तर्क है कि आरक्षक चालक की मौजूदा भर्ती में भी इस छूट का लाभ मिलना चाहिए।
भर्ती विज्ञापन में निर्धारित आयु सीमा में राहत देने की मांग की है
याचिका में राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग, पुलिस मुख्यालय और कर्मचारी चयन मंडल को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती विज्ञापन में निर्धारित आयु सीमा में राहत देने की मांग की है। हाई कोर्ट ने फिलहाल दोनों उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है।
आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। अंतरिम राहत को सभी अभ्यर्थियों के लिए लागू सामान्य छूट नहीं माना जा सकता।