
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिन संकुल प्राचार्यों ने ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शिक्षकों के वेतन देयक अग्रेषित किए हैं, उनके विरुद्ध निलंबन अथवा अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाए।
संचालनालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व में जारी निर्देशों के माध्यम से सभी शिक्षकों के लिए नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य किया गया था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों की वेतन कटौती की जाएगी।
इसके बावजूद प्रदेश में ई-अटेंडेंस की औसत उपस्थिति लगभग 90 प्रतिशत ही दर्ज हो रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि अभी भी सभी शिक्षक निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। विभाग ने इसे शासन के निर्देशों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा है कि ई-अटेंडेंस प्रणाली शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आदेश के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन संकुल प्राचार्यों ने नियमों की अनदेखी करते हुए अनुपस्थित अथवा ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन बिल अग्रेषित किए हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू की जाए।
संबंधित कार्रवाई की जानकारी दो जुलाई तक लोक शिक्षण संचालनालय को भेजना भी अनिवार्य किया गया है। यदि निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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