जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सरकारी महकमे में भर्ती निकल रही है, ऐसे में विद्यार्थी उपाधि के लिए परेशान हो रहे हैं। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में उपाधि को लेकर आला दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। विद्यार्थी तत्काल व्यवस्था के तहत अधिक शुल्क देकर भी उपाधि नहीं हासिल कर पा रहे हैं। प्रशासन का दावा था कि प्रोफार्म आने के बाद उपाधि के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। विद्यार्थियों को अभी भी उपाधि के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में दो सैकड़ा से ज्यादा आवेदन उपाधि के लिए लंबित बने हुए हैं।
तत्काल डिग्री का है प्रावधान-
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार छात्रों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उन्हें तत्काल उपाधि देने की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए विद्यार्थियों को 1850 रुपये शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। शुल्क भुगतान होने के बाद 48 घंटे के भीतर उपाधि दी जानी है जबकि साधारण शुल्क के माध्यम से एक माह के अंदर डिग्री देने का प्रावधान है। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।
नौकरी के लिए उपाधि की जरूरत-
विद्यार्थियों को उपाधि की आवश्यकता कई वजहों से होती है। सरकारी नौकरी, विदेश में पढ़ाई से लेकर प्रोफेशनल कार्याे के लिए उपाधि अनिवार्य होती है ऐसे में विद्यार्थी उपाधि के लिए विश्वविद्यालय में आवेदन करते हैं। वर्तमान में सरकारी नौकरी के लिए उपाधि हासिल करने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन पहुंच रहे हैं।
एक साथ कई आवेदन आने से परेशानी
उपाधि का प्रोफार्मा पहले नहीं था इस वजह से दिक्कत आ रही थी अभी प्रोफार्मा आ चुका है अब उपाधि बनना प्रारंभ हो गई है। एक साथ कई आवेदन आने की वजह से थोड़ा समय लग रहा है। -डा.दीपेश मिश्रा, उपकुलसचिव परीक्षा