जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बुधवार यानि 31 मार्च को शाम 4.30 बजे जबलपुर के 33 पुलिस थानों में ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ होने जा रहा है। महिलाओं पर घटित अपराध पर प्रभावी रोकथाम और त्वरित राहत के उद्देश्य से ऊर्जा थानों की स्थापना की गई है। कुल मिलाकर ऊर्जा डेस्क से न सिर्फ महिलाओं को राहत मिलेगी बल्कि महिला संबंधी अपराध में लिप्त अपराधियों की अब खैर नहीं। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा केंद्र सरकार के आर्थिक एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से न सिर्फ जबलपुर बल्कि मध्य प्रदेश के समस्त जिलों में 700 थानों में उर्जा महिला हैल्प डेस्क की स्थापित की जा रही है। बुधवार शाम कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायाधिपति प्रकाश श्रीवास्तव प्रशासनिक न्यायाधिपति उच्च न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन विभाग, सहकारिता एवं श्रम विभाग के अधिकारी वर्चुअल मौजूद रहेंगे। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया की महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा के विरुद्व प्रभावी कार्रवाई के लिए महिला हेल्प डेस्क को पुलिस द्वारा की जाने वाली समस्त प्रकार की प्राथमिक कार्रवाई सहित एक आदर्श मानकीकृत प्रक्रिया (एसओपी) उपलब्ध कराई जा रही है। महिला डेस्क में ड्यूटी करने वाली महिलाओं को मध्य प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। जिसका उद्देश्य पीड़ित महिला की सहानुभूति पूर्वक सुनवाई करना, उचित वातावरण उपलब्ध कराना, कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देना तथा अन्य स्वयंसेवी समूह से यथोेचित सहायता उपलब्घ कराना है। महिला डेस्क को मुख्य रूप से महिला, बच्चे, एवं बुजुर्गो को ध्यान मे रखते हुए कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया है। महिला डेस्क खोले जाने के पूर्व ही इसके लिये आधारभूत तैयारी की जा चुकी है। जैसे की उन थानों का चयन जहाॅ अन्य थानों की तुलना में महिला अपराध अधिक हुए। महिला डेस्क के लिए पुलिस थानों में अलग कक्ष, महिला अधिकारी की पदस्थापना एवं प्रसाधन कक्ष की व्यवस्था आदि शामिल है। महिला डेस्क का नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को बनाया गया है।