जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्मार्ट सिटी कंपनी के बेढंगे और सुस्त कामों से न सिर्फ शहर के नागरिक हलकान है। बल्कि खिलाड़ी वर्ग भी परेशान है। दरअसल शहर के उभरते खिलाडि़यों के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 40 करोड़ रुपये से रवि शंकर शुक्ल मैदान (राइट टाउन स्टेडियम) में मल्टी स्पोर्टस काम्पलेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन बीते करीब चार वर्ष बाद भी ये पूरा नहीं हुआ है। पहले चरण में कराए जा रहे काम्पलेक्स निर्माण का करीब 95 फीसद काम तो पूरा हो गया है कुछ काम अब भी बाकी है। इसी बीच स्मार्ट सिटी कंपनी ने 34 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे चरण का काम शुरू करवा दिया है। जिसके कारण पूरा मैदान ही खोद दिया गया है। राइट टाउन स्टेडियम ही शहर का ऐसा एकमात्र स्टेडियम है जहां सभी खिलाड़ी प्रेक्टिस करने जाते हैं। सुबह-शाम लोग टहलने और व्यायाम करने पहुंचते हैं। लेकिन निर्माण कार्य के चलते पूरा खेल मैदान तहस-तहस कर दिए जाने से खिलाड़ी प्रैक्टिस नहीं कर पा रहे हैं।
जो बनकर तैयार उसे भी चालू नही किया-
करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में बनकर तैयार हो चुके पांच मंजिला मल्टी स्पोर्टस काम्पलेक्स का अब तक शुभारंभ नहीं किया गया है। जबकि ये दावा किया था कि दूसरे चरण का काम शुरू करने से पहले इसे खिलाडि़यों को समर्पित कर दिया जाएगा। पांच मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर 750 लोगों की बैठक क्षमता के हिसाब से दर्शक दीर्घा बनाई गई। इसमें दर्शक आराम से बैठकर स्टेडियम में होने वाली खेल-कूद प्रतियोगिताओं सहित 15 अगस्त, 26 जनवरी को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। वहीं खिलाड़ियों के लिए टेबल टेनिस, बोर्ड गेम्स के लिए हाल, इंटरनेशनल जिमनेजियम भी बनाया गया है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का दावा है कि दो चरणों में मल्टी स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स तैयार हो जाने के बाद जबलपुर में भी राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेगी।
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चार वर्ष से स्टेडियम में नहीं हुए एक भी आयोजन-
शहर के एकमात्र खेल मैदान में ही आजादी के पर्व पर ध्वजारोहण व सांस्कृति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अन्य खेल गतिविधियां भी आयोजित की जाती रही हैं। लेकिन निर्माण कार्य के चलते पिछले चार वर्षों यहां एक भी आयोजन नहीं हुए हैं। ये मैदान इसलिए भी ऐतिहासिक है कि क्योंकि 70-80 के दशक में यहां राष्ट्रीय स्तर की दो प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इसके बाद 1981 को एक राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिता भी हुई थी। स्टेडियम में छोटे-बड़े टूर्नामेंट होते रहे हैं।
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स्पोर्टस काम्पलेक्स निर्माण की सुस्त चाल-
- 1 फेस में 2019 में शुरू हुआ मल्टी स्पोर्टस काम्पलेक्स का निर्माण
- 95 फीसद पूरा हुआ
- 40 करोड़ रुपये हुए खर्च
- 2 फेस का शुरू हुआ काम
- 35 करोड़ रुपये होंगे खर्च
- खिलाडियो के लिए ट्रैक, ग्रास युक्त मैदान बनाया जाएगा
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मल्टी स्पोर्टस काम्पलेक्स के पहले फेज का काम लगभग पूरा हो गया है। दूसरे चरण का कार्य भी आरंभ कर दिया गया है। जिसे जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। खिलाडि़यों को असुविधा न हो इसके लिए जल्द निर्णय लिए जाएंगे। -रवि राव, प्रशासनिक अधिकारी स्मार्ट सिटी