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पराली प्रबंधन पर जबलपुर कलेक्टर से बोले किसान- बोवनी के लिए एक सप्ताह का समय, अधिकारी नहीं उठाते फोन

किसान प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वाट्सएप पर भेजे गए संदेशों का जवाब देते हैं।

By Atul ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 02:12:53 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 02:12:53 PM (IST)
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पराली प्रबंधन पर जबलपुर कलेक्टर से बोले किसान- बोवनी के लिए एक सप्ताह का समय, अधिकारी नहीं उठाते फोन
किसान संघ ने की कलेक्टर से मुलाकाल, बोले बिना विकल्प दंडात्मक कार्रवाई उचित नहीं।

HighLights

  1. किसानों के सामने फसल अवशेष जलाने की मजबूरी
  2. पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं
  3. बोवनी के लिए महज एक सप्ताह का समय मिलता है

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पराली और नरवाई प्रबंधन के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने से किसानों के सामने फसल अवशेष जलाने की मजबूरी बन रही है।

किसानों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी

खेत खाली होने के बाद रबी फसल की बोवनी के लिए महज एक सप्ताह का समय मिलता है। ऐसे में संसाधनों के अभाव में पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विरोध में किसान संगठन आंदोलन करेंगे

कार्रवाई के विरोध में किसान संगठन आंदोलन करेंगे। यह बात भारत कृषक समाज के प्रतिनिधियों ने नवागत कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से सौजन्य भेंट के दौरान कही।

अन्य संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी

किसानों ने जिले की समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त मशीनें और अन्य संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। किसानों को विकल्प दिए बिना उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करना उचित नहीं है।

समाधान कराने में परेशानी होती है

किसान प्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई अधिकारी किसानों के फोन नहीं उठाते और न ही वाट्सएप पर भेजे गए संदेशों का जवाब देते हैं। इससे किसानों को अपनी समस्याएं बताने और उनका समाधान कराने में परेशानी होती है।


सख्त निर्देश जारी करने की मांग

प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से अधिकारियों को किसानों के फोन उठाने और उनकी समस्याओं पर समयबद्ध जवाब देने के लिए सख्त निर्देश जारी करने की मांग की। बैठक में अपर कलेक्टर नीता राठौर और उपसंचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे मौजूद रहे।

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