
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर में वन विभाग के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) के साथ मंडला में अपहरण और लूटपाट की सनसनीखेज घटना हुई। मंडला स्थित अपने आवास से सुबह सैर पर निकले अधिकारी को चार युवकों ने एसडीओ समझकर जबरन कार में बैठा लिया।
आंखों पर पट्टी बांधकर उनके साथ मारपीट की और रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए बैंक खाते की जानकारी व मोबाइल एप का पासवर्ड पूछ लिया। आरोपियों ने सोने की चेन और अंगूठी लूटने के बाद उन्हें जबलपुर-कुंडम मार्ग पर उमरिया के पास छोड़ दिया।
खमरिया पुलिस की एफआरवी उन्हें थाने लेकर गई। उसके बाद मंडला पहुंचकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मंडला कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जबलपुर में सामाजिक वानिकी वृत्त में पदस्थ मानिकलाल बरकड़े 20 अक्टूबर को दो दिन के अवकाश पर मंडला स्थित अपने घर गए थे। बुधवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे वे अपनी एसयूवी से निकले।
जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडला में निर्माणाधीन मेडिकल काॅलेज के सामने वाहन खड़ा कर वे पीपरपानी स्थित मां नर्मदा पुल की ओर पैदल जा रहे थे।
सुबह करीब छह बजे पदमी के चार किलोमीटर वाले माइलस्टोन के पास जबलपुर की ओर से आई सफेद कार में सवार चार युवकों ने उन्हें रोक लिया। दो युवकों ने पूछा कि क्या वे एसडीओ हैं। वह कुछ समझ पाते उससे पहले ही युवकों ने उन्हें जबरन कार में बैठा लिया गया। अपने साथ ले गए।
आरोपितों ने एसीएफ की आंखों पर पट्टी बांध दी और कार में सीटों के बीच पैर रखने की जगह पर लिटाकर हाथ-पैर दबा दिए। रास्ते में उनके साथ मारपीट की गई। करीब दो घंटे तक घुमाने के बाद उन्हें दूसरी कार में बैठाया गया और सोने की अंगूठी व चेन छीन ली गई।
काफी देर तक कार में इधर से उधर ले जाने के बाद आरोपित ने कुंडम-जबलपुर मार्ग पर उमरिया के पास कार रोककर उनके हाथ बांध दिए और फरार हो गए। कुछ देर बाद एसीएफ ने आंखों की पट्टी हटाई तो उनके हाथ सीट बेल्ट से बंधे थे।
बाहर निकलकर उन्होंने देखा कि वह उनका ही एसयूवी वाहन था, जिसमें उन्हें छोड़कर आरोपी भागे थे। उन्होंने राहगीर की मदद से डायल-112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची एफआरवी उन्हें खमरिया थाने लेकर गई।
वारदात की जानकारी देने के बाद घटनास्थल मंडला जिले में होने की जानकारी दी गई। इसके बाद शासकीय वाहन से एसीएफ मंडला पहुंचे और वहां कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मंडला से जबलपुर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पहचान करने में जुटी है।
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