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जबलपुर में एप डाउनलोड करते ही चार के खाते खाली, सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने में फंसे 82 वर्षीय बुजुर्ग, 5.65 लाख रुपये उड़ाए

थाना क्षेत्र निवासी पीड़ितों के साथ हुई ठगी पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठगी का शिकार बने अन्य तीन लोगों में एक निजी कर्मचारी और एक ...और पढ़ें

By Deepankar RoyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 03 Sep 2026 08:20:29 PM (IST)Updated Date: Thu, 03 Sep 2026 08:20:29 PM (IST)
जबलपुर में एप डाउनलोड करते ही चार के खाते खाली, सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने में फंसे 82 वर्षीय बुजुर्ग, 5.65 लाख रुपये उड़ाए
बैलेंस देखते समय खाते को रिस्क में होने का अलर्ट मिला। प्रतीकात्‍मक चित्र

HighLights

  1. विक्टोरिया अस्पताल के नेत्र सहायक से भी साइबर ठगी
  2. गोरखपुर, गढ़ा व गुप्तेश्वर थाने में चार मामले दर्ज
  3. आरोपितों की तलाश कर रही तीन थानों की पुलिस

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर में आनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अज्ञात ठगों ने अब विक्टोरिया जिला अस्पताल के नेत्र सहायक चिकित्सक सहित चार लोगों को निशाना बनाया है। अलग-अलग तरीके तकनीकी तरीकों से उन्हें अपने जाल में फंसाया। उनके खातों से अज्ञात आरोपितों ने कुल पांच लाख 65 हजार 888 रुपये निकाल लिए। गोरखपुर, गढ़ा व गुप्तेश्वर थाने में चार मामले दर्ज कराए गए हैं।

मोबाइल सुधरवाने के बाद खाते से 98 हजार 888 रुपये निकले

गोरखपुर थाना क्षेत्र के रामपुर शंकरशाह नगर निवासी सनी ऐडम पेरिका (47) विक्टोरिया अस्पताल में नेत्र सहायक चिकित्सक हैं। उनका एसबीआइ में खाता है। 31 अगस्त को मोबाइल खराब होने पर उसे जयंती काम्प्लेक्स में सुधरवाया था। शाम करीब 6:53 बजे मोबाइल अपडेट होना शुरू हुआ। इसी दौरान उनके खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 98 हजार 888 रुपये निकाल लिए गए।


कुछ ही देर में खाते से 39 हजार गायब

रामपुर के रामनगर निवासी रविकुमार यादव (39) नर्मदा स्टील दुकान में काम करते हैं। उनका एसबीआइ ग्वारीघाट शाखा में खाता है। 14 अगस्त को शाम 5:42 बजे उनके खाते से एक डेबिट हुआ। इसके कुछ देर बाद खाते से 39 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हो गया। उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति पर छलपूर्वक रकम निकालने का आरोप लगाया है।

फर्जी एप ने खाली किया खाता

गढ़ा निवासी सचिन कुमार नामदेव (37) एक निजी कंपनी में डिलीवरी बाय हैं। 29 अगस्त की रात मोबाइल पर इंटरनेट मीडिया पर बीजीएमआई टीवी एप से मुफ्त में चैनल देखने का विज्ञापन देखकर उन्होंने एप डाउनलोड कर सभी परमिशन दे दीं।

बैलेंस देखते समय खाते को रिस्क में होने का अलर्ट मिला

अगले दिन गूगल पे पर बैलेंस देखते समय खाते को रिस्क में होने का अलर्ट मिला। एप डिलीट करने के बाद मोबाइल बंद हो गया। मोबाइल चालू करने पर खाते से रकम कम मिली। एटीएम से मिनी स्टेटमेंट निकालने पर दूसरे खाते में 30 हजार रुपये ट्रांसफर होने का पता चला।

यूपीआइ का पिन डालते ही शुरू हुआ ट्रांजेक्शन

साइबर ठगों ने मोबाइल रील के जरिए 82 वर्षीय बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खाते से तीन लाख 97 हजार 800 रुपए उड़ा दिए। गुप्तेश्वर के शक्ति नगर निवासी सुरेश कुमार राय कुछ सप्ताह पहले इंटरनेट मीडिया पर रील देख रहे थे। इसी दौरान सीनियर सिटीजन कार्ड से संबंधित विज्ञापन दिखा। वह वीडियो में सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने और उसके फायदे दिलाने का झांसे में आ गए।

सोशल मीडिया पर बैंक खाते की जानकारी मांगी

राय ने संबंधित आनलाइन लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी भर दी। 29 अगस्त को उनके पास दो अलग-अलग नंबरों से फोन आया। फोन काल करने वाले ने खुद को बैंक आफ इंडिया का कर्मचारी बताया और कार्ड के लिए आवेदन के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद सोशल मीडिया पर बैंक खाते की जानकारी मांगी गई।

आरोपित ने उनसे फोनपे खोलकर पिन डालने को कहा

बाद में आरोपित ने वीडियो काल कर एक लिंक भेजा। लिंक खोलते ही राय के मोबाइल में एक एप डाउनलोड हो गया। आरोपित ने उनसे फोनपे खोलकर पिन डालने को कहा और इसे कार्ड लिंक करने की प्रक्रिया बताया। पिन डालते ही पहले 95 हजार रुपए खाते से कट गए। राय ने फोन काट दिया, लेकिन इसके बाद भी एक लाख, 97 हजार, 5 हजार और 10 हजार 800 रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए दूसरे खातों में चले गए।

एप डिलीट करने के बाद पुलिस से शिकायत की

मामले में गढ़ा पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खाते की डिटेल और आईपी एड्रेस के जरिए आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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