
Jabalpur Crime :नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में गर्भवती महिला की हत्या के लिए उसके पति ने अपने एक स्वजन और उसके दो दोस्तों को 60 हजार रुपये की सुपारी दी थी। इसके अग्रिम 20 हजार रुपये का भुगतान वह कर चुका था। इसके बाद चारों ने मिलकर महिला की हत्या की योजना बनाई। योजनाबद्ध तरीके से चारों ने मिलकर गर्भवती का गला दबाकर प्राण लिए। उसकी हत्या के बाद शव को कार में रखकर आधा शहर घूमे।
लगभग 20 किलोमीटर तक घूमने के दौरान हत्या को दुर्घटना बनाने का षड्यंत्र रचा। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में दी। संगीन वारदात को अंजाम देने वाले आरोपित पति गोराबाजार कजरवारा निवासी शुभम चौधरी 26 वर्ष, उसके स्वजन रांझी नई बस्ती बगिया टाल निवासी शिब्बू चौधरी 24 वर्ष और दोस्त रांझी के बजरंग नगर निवासी प्रहलाद सिंह ठाकुर (गौड) 27 वर्ष और गंगामैया खेरमाई मंदिर के पीछे रहने वाले अनुराग कुशवाहा (काछी) काे गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने एक दिन की रिमांड पर लिया है।
टेंट हाउस में काम करने वाले शुभम चौधरी शनिवार की शाम को अपनी पत्नी रेशमा चौधरी 25 वर्ष और बेटे को कार में लेकर घूमने के लिए निकला। वह देर रात को मदरटेरेसा स्थित अपनी ससुराल घबराते हुए पहुंचा। स्वजनों को बताया कि वे जब आ रहे थे तो माढ़ोताल मरघटाई के पास चार बदमाशों ने उनकी कार को रोका। उसके साथ मारपीट की। रेशमा का मंगलसूत्र और फोन लूटा।
विरोध करने पर बदमाशों ने रेशमा का गला घोंट दिया। कार पर पथराव किया और भाग गए। मामले में पुलिस ने जांच शुरू की तो बताए गए घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पति शुभम नजर नहीं आया। उसकी लोकेशन जीसीएफ से रांझी की ओर मिली। इस से पुलिस को उस पर संदेह हो गया। पूछताछ में उसने पत्नी की हत्या के षड्यंत्र का खुलासा कर दिया। खुद को बचाने के लिए लूट और पथराव की झूठी कहानी गढ़ने की बात स्वीकार किया।
पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपित शुभम के एक युवती से संबंध थे। इसकी जानकारी उसकी पत्नी रेशमा को थी। रेशमा पति के आचरण से नाखुश थी। इस बात पर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। एक माह पूर्व संबंधित युवती का विवाह हुआ। इसके बाद भी शुभम संबंधित युवती के संपर्क में था। इस पर पत्नी की लगातार रोक-टोक आरोपित को परेशान कर रही थी। विवाहेत्तर संबंध की रूकावट दूर करने के लिए उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार आरोपित शुभम लगभग छह माह से पत्नी की हत्या की फिराक में था। षड्यंत्र के अनुसार वह शनिवार को पत्नी को कार से घर से घुमाने का कहकर निकला। पहले ही अपने रांझी में रहने वाले स्वजन और दो दोस्त को सूचना दे दिया। वह रांझी की ओर जाने लगा तो पत्नी ने अचानक उधर घूमने जाने का कारण पूछा। इस पर आराेपित ने स्वजन शिब्बू को रुपये देने की बात कही। रांझी पहुंचने पर शिब्बू के साथ अनुराग और प्रहलाद भी मिले। तीनों कार में बैठ गए और सभी साथ जाने लगे।
पत्नी ने शिब्बू और दो दोस्तों को कार में साथ बैठाने का कारण पूछा तो आराेपित ने रांझी से बाहर निकलने का छाेटा रास्ते दिखाने के लिए उनके सवार होने की बात कही। कुछ देर बाद आरोपित कार को झुरझुरू नाले के पास एकांत क्षेत्र में ले गया। जहां, रात के अंधेरे में चारों ने मिलकर रेश्मा का गला घोंट कर हत्या कर दी। हत्या के बाद काफी देर तक शव काे कार में ही रखे रहे। इसके बाद हत्या को दुर्घटना में बदलने का खेल शुरू किया। कार में शव को लेकर आरोपित रिछाई, करौंदी नाला, खजरी-खरिया बायपास, अमखेरा रोड और फिर विजय नगर पहुंचे। सड़क पर सूनी जगह पाकर कार के कांच फोड़ दिया। फिर शुभम आया और कार और उसमें रखे पत्नी के शव को लेकर मदर टेरेसा नगर स्थित ससुराल पहुंचा।