जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस शुक्रवार को गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। वीरांगना रानी दुर्गावती की समाधि स्थल बारहा नर्रई नाला में आज सुबह कलेक्टर डा इलैयाराजा टी, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, नगर निगम कमिश्नर आशीष वशिष्ठ सहित अन्य अधिकारियों ने उनकी समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किए। अफसरों ने वीरांगना रानी व उनके पुत्र वीर नारायण के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य व बलिदान को याद किया। समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद भंवरताल उद्यान में वीरांगना रानी दुर्गावती को गार्ड आफ आनर दिया गया।

इस दौरान कलेक्टर डा. इलैयाराजा ने मशाल जलाकर मैराथन धावकों को सौंपा, जो भंवर ताल गार्डन तक गये। भंवरताल गार्डन में भी गौरव दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाद में भंवरताल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मैराथन पहुंची, जहां पर कलेक्टर ने धावकों से मशाल लेकर प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। यहां विभिन्न स्कूलों के होनहार विद्यार्थी भी पहुंचे। लड़कियों ने रानी दुर्गावती की पोशाक पहकर उनकी छवि को प्रस्तुत किया। कई लड़कियों अलग-अलग दुर्गावती की मुद्राओं में नजर आई। कलेक्टर ने छात्राओं को सम्मानित किया।

मैराथन के बच्चों को किया सम्मानित

इस दौरान मैराथन में छात्र और छात्रा समूह में प्रथम, द्वितीय और तृतीय आने वालों को सम्मानित किया। कलाकारों ने गुदुब बाजा पारम्परिक आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति दी। जिसे देखकर कलेक्टर ने कलाकारों को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। जिन बच्चों ने वीरांगना के शौर्य को लेकर चित्रकारी, निबंध स्पर्धा में हिस्सा लिया था उन्हें भी पुरस्कृत किया गया।

यूनिवर्सिटी में भी किया गया याद :

इधर, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में भी वीरांगना को पुष्प अर्पित करते हुए याद किया गया। कुलपति प्रो.कपिल देव मिश्र, कुलसचिव डा.ब्रजेश सिंह, उपकुलसचिव डा.दीपेश मिश्र की मौजूदगी में परिसर में स्थापित वीरांगन की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित किए गए। इस दौरान शिक्षक, विद्यार्थी मौजूद रहे।

1564 में वीरगति को प्राप्त हुईं :

वीरांगना रानी दुर्गावती ने अकबर की सेना से अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए 24 जून 1564 को वीरगति को प्राप्त हुई थी। मातृभूमि की रक्षा करने में उन्होंने नारी सशक्तिकरण का अद्भुत परिचय दी। मातृ भूमि की रक्षा व जल प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर भविष्य में जल संकट से निपटने की बेहतर कार्य योजना तैयार की।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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