
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। राजधानी भोपाल में त्विषा शर्मा की दहेज हत्या के आरोप के मामले की भांति जबलपुर में विधि स्नातक कविता दक्षिणामूर्ति की भी दहेज हत्या के आरोप का मामला चर्चा में है। पूर्व में एफआइआर दर्ज किए जाने की मांग लेकर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दीपा पाल की अदालत में दायर परिवाद पर राहत नहीं मिली थी।
लिहाजा, कविता के पिता ने अपर सत्र न्यायालय में रिवीजन दायर कर दी थी, जिसकी सुनवाई तीन जून को नियत है। यह जानकारी अधिवक्ता मनीष वर्मा,विनोद सिसोदिया व निधि सोनकर ने दी। उन्होंने बताया कि जबलपुर के आर्मी एरिया में कविता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जिसके बाद से कविता के पिता कोयमबेडू चेन्नई निवासी पी दक्षिणामूर्ति न्याय की मांग कर रहे हैं।
उनका सवाल है कि सदर स्थित जैक आरआरसी के मैस में जिस स्थान पर कविता बाथरूम में गिरी थी उस स्थान से मिलिट्री अस्पताल की दूरी महज पांच मिनट की थी, किंतु कविता को अस्पताल पहुंचाने में दो घंटे 39 मिनट लग गए। दूसरे दिन कविता की मौत हो गई। इसके बावजूद गोराबाजार पुलिस ने एक साल बीत जाने के बाद भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है।
कविता के पिता ने इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कविता की शादी दो मार्च 2025 को आर्मी में पदस्थ जिला डिंडगुल तमिलनाडु निवासी मेजर ओम नागार्जुन के साथ हुई थी। शादी के समय उनके दामाद मणिपुर में पदस्थ थे। इसके बाद उनका तबादला जैक आरआरसी जबलपुर में हो गया।
उनकी बेटी अपने पति के साथ नौ जून, 2025 को मदुरै से हैदराबाद होते हुए जबलपुर पहुंची। यहां पर उनकी बेटी और दामाद जैक आरआरसी के मेस में ठहरे थे। इसी दौरान रात 9.30 बजे उनकी बेटी फेस वाश करने बाथरूम गई और कथित तौर पर वह बाथरूम में गिर गई।
इसके बाद दामाद ओम नागार्जुन उनकी बेटी को रात 10 बजे मेजर महेश की कार में लेकर मिलिट्री अस्पताल रवाना हुए। जैक आरआरसी के ऑफिसर्स मेस से मिलिट्री अस्पताल का रास्ता महज पांच मिनट की दूरी का था, लेकिन उनकी बेटी को रात 12.39 बजे यानी 2 घंटे 39 मिनट बाद अस्पताल पहुंचाया गया। 10 जून को रात 8.10 बजे कविता की मृत्यु हो गई।