
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने सात साल से लंबित याचिका में राज्य शासन की ओर से जवाब पेश नहीं किए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए 29 अक्टूबर 2026 तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राशि प्रमुख सचिव को निजी खाते से जमा करनी होगी, सरकारी खजाने से नहीं। निर्धारित समय में जवाब पेश नहीं होने पर प्रमुख सचिव को तीन नवंबर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना होगा।
सतना निवासी सत्येंद्र शर्मा की ओर से दायर याचिका में अधिवक्ता सोनाली बिस्वास परोचे ने कोर्ट को बताया कि याचिका वर्ष 2019 में दायर हुई थी और 23 सितंबर 2019 को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद शासन की ओर से जवाब पेश नहीं किया गया।
20 अक्टूबर 2023 को शासन के पैनल अधिवक्ता ने चार सप्ताह का समय मांगा था। इसके बाद 21 नवंबर 2023 को शासकीय अधिवक्ता ने अंतिम अवसर के रूप में फिर चार सप्ताह का समय लिया, लेकिन जवाब दाखिल नहीं हुआ।
सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अधिवक्ता अभिषेक सिंह ने बताया कि महाधिवक्ता कार्यालय ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा था, लेकिन वहां से जवाब नहीं मिला।
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