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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP High Court : हाई कोर्ट ने कहा-निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों को करें शामिल

MP High Court : मुख्य परीक्षा के लिए विकलांग वर्ग की अलग से सूची तैयार नहीं की गई है। सुनवाई दौरान न्यायालय ने पाया कि मुख्य परीक्षा का आयोजन 30 व 31 ...और पढ़ें

By Dheeraj kumar BajpaiEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 22 Mar 2024 11:05:06 AM (IST)Updated Date: Fri, 22 Mar 2024 11:08:18 AM (IST)
MP High Court : हाई कोर्ट ने कहा-निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों को करें शामिल

HighLights

  1. होशंगाबाद के दिव्यांग अधिवक्ताओं मामला दायर किया गया था।
  2. 2022 में विकलांग वर्ग के लिए कोई श्रेणी निर्धारित नहीं की गई है।
  3. परीक्षा के परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होंगे।

MP High Court : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन (प्रवेश स्तर) परीक्षा 2022 की मुख्य परीक्षा में दिव्यांग वर्ग को किसी प्रकार का आरक्षण न दिए जाने के विरुद्ध हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने अपने अंतरिम आदेश से दिव्यांग अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है। युगलपीठ ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि प्रारंभिक परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल किया जाए।

होशंगाबाद के दिव्यांग अधिवक्ताओं की ओर से मामला दायर था

होशंगाबाद निवासी अधिवक्ता अंतरा सिसोदिया सहित अन्य चार दिव्यांग अधिवक्ताओं की ओर से यह मामला दायर किया गया था। जिसमें कहा गया था कि सिविल जज, जूनियर डिवीजन (प्रवेश स्तर) परीक्षा 2022 में विकलांग वर्ग के लिए कोई श्रेणी निर्धारित नहीं की गई है। उन्हें सामान्य व अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को प्रारंभिक चरण से आरक्षण देने का प्रविधान है। मुख्य परीक्षा में 1:10 के अनुसार विकलांग अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाना चाहिए था।


मुख्य परीक्षा का आयोजन 30 व 31 मार्च को होना है

मुख्य परीक्षा के लिए विकलांग वर्ग की अलग से सूची तैयार नहीं की गई है। सुनवाई दौरान न्यायालय ने पाया कि मुख्य परीक्षा का आयोजन 30 व 31 मार्च को होना है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता सभी दिव्यांग अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करते हुए अपने आदेश में कहा है कि जिन्होंने निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त किए है, उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल किया जाये। युगलपीठ ने आवेदकों को जवाब पेश करने निर्देश जारी करते हुए कहा कि परीक्षा के परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होंगे।