
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने कृषि विभाग की भर्ती प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, ईडब्ल्यूएस की सीटों में अचानक की गई कटौती पर गंभीर रुख अपनाया है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पदों पर भर्ती के लिए निर्धारित 444 ईडब्ल्यूएस सीटों को आवेदन की अंतिम तिथि के दिन घटाकर मात्र 37 किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट ने कृषि विभाग से जवाब मांगा है।
मामले में याचिकाकर्ता नर्मदापुरम निवासी मोहित सिंह परमार की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार पांडे, अजय कुमार पांडे व अमित शुक्ला ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि कृषि विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 444 सीटें निर्धारित की थीं।
आवेदन की अंतिम तिथि 17 जुलाई, 2026 को शाम के समय इन सीटों की संख्या अचानक घटाकर 37 कर दी गई। याचिकाकर्ता ने इस बदलाव को चुनौती देते हुए इसे ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के हितों के विपरीत बताया है।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कृषि विभाग से पूछा कि ईडब्ल्यूएस की निर्धारित सीटों में इतनी बड़ी कटौती किस आधार पर की गई। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रतिवादी विभाग को चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी नियमों का पालन आवश्यक है। बिना ठोस कारण के सीटों में कटौती से पात्र अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कोर्ट के निर्देश के बाद अब कृषि विभाग को सीटों में बदलाव का आधार स्पष्ट करना होगा।
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