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आवारा कुत्तों के आतंक पर हाई कोर्ट सख्त, मध्‍य प्रदेश सरकार के उठाए कदमों की होगी समीक्षा

कचरा बंद डस्टबिन में रखने तथा खान-पान के स्टॉल के आसपास आवारा कुत्तों को भोजन नहीं कराने की सलाह दी जा रही है।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:23:46 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:23:46 PM (IST)
आवारा कुत्तों के आतंक पर हाई कोर्ट सख्त, मध्‍य प्रदेश सरकार के उठाए कदमों की होगी समीक्षा
सरकार ने बताया कि खाद्य सामग्री विक्रेताओं को खाद्य अपशिष्ट का उचित निपटान करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

HighLights

  1. तीन नवंबर को दोपहर 2:30 बजे होगी अगली सुनवाई
  2. छह माह में 15 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी
  3. टीकाकरण के संबंध में सरकार ने दिया ब्योरा

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट अब राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा।

स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दर्ज स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने तीन नवंबर को दोपहर 2:30 बजे अगली सुनवाई निर्धारित की।

सुनवाई के दौरान सरकार के जवाब पर सुझाव मांगे

समीक्षा के बाद हाई कोर्ट की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी। शीर्ष अदालत में मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को प्रस्तावित है। सुनवाई के दौरान बेंच ने कोर्ट मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा और अधिवक्ता सरबवीर सिंह ओबेराय से सरकार के जवाब पर सुझाव मांगे।

विस्तृत सुनवाई कर आवश्यक निर्देश जारी

वरिष्ठ अधिवक्ता डिसिल्वा ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को संतोष जनक बताया। बेंच ने कहा कि तीन नवंबर को रिपोर्ट पर विस्तृत सुनवाई कर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।

छह माह में प्रदेश में 15 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण

राज्य के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की ओर से प्रस्तुत जवाब में बताया गया कि पिछले छह माह में प्रदेश में 15 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है।

सरकार ने सार्वजनिक परिसरों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने और निगरानी के लिए किए गए उपायों की जानकारी भी दी है।

  • जवाब के अनुसार, सार्वजनिक परिसरों की निगरानी के लिए 1,62,622 नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
  • 1,00,262 परिसरों में बाउंड्रीवाल और फेंसिंग की व्यवस्था की गई है। 965 फीडिंग प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं।
  • 11 जिलों की 12 नगरीय निकायों में श्वान आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां 982 कुत्तों को पहुंचाया गया।
  • 28 नगरीय निकायों में डाग स्क्वाड गठित किए गए हैं और 69 नगरीय निकायों में 81 डाग कैचर वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।

आवारा कुत्तों को भोजन नहीं कराने की सलाह

सरकार ने बताया कि खाद्य सामग्री विक्रेताओं को खाद्य अपशिष्ट का उचित निपटान करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्हें कचरा बंद डस्टबिन में रखने तथा खान-पान के स्टॉल के आसपास आवारा कुत्तों को भोजन नहीं कराने की सलाह दी जा रही है।


सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर निर्देश जारी किए थे

आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त और सात नवंबर, 2025 को निर्देश जारी किए थे। इसके बाद 19 मई, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया था।

सुरक्षा के संबंध में उठाए गए कदमों का विवरण मांगा था

हाई कोर्ट ने मामला दर्ज कर राज्य सरकार से आवारा कुत्तों की रोकथाम, नसबंदी, टीकाकरण और सार्वजनिक परिसरों की सुरक्षा के संबंध में उठाए गए कदमों का विवरण मांगा था। अब तीन नवंबर को सरकार के जवाब और उपायों की प्रभावशीलता की समीक्षा होगी।

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