• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

युद्ध का असर बरगी बांध तक, महंगी धातुओं ने अटकाया पावर यूनिट का आधुनिकीकरण

पश्चिम एशिया में युद्ध और इसके चलते धातुओं की कीमतों में आए उछाल का असर अब बरगी बांध की जल विद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण पर भी दिखाई देने लगा है।

By Pankaj TiwariEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 03:22:49 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 03:22:49 PM (IST)
युद्ध का असर बरगी बांध तक, महंगी धातुओं ने अटकाया पावर यूनिट का आधुनिकीकरण
युद्ध का असर बरगी बांध तक, महंगी धातुओं ने अटकाया पावर यूनिट का आधुनिकीकरण

HighLights

  1. 225 करोड़ का टेंडर पड़ा कम
  2. कंपनियों ने मशीनरी की लागत बढ़ाने की मांग रखी
  3. बीओडी में होगा अंतिम फैसला

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पश्चिम एशिया में युद्ध और इसके चलते धातुओं की कीमतों में आए उछाल का असर अब बरगी बांध की जल विद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण पर भी दिखाई देने लगा है। करीब 40 साल पुरानी हो चुकी बरगी बांध की दोनों जल विद्युत इकाइयों के टरबाइन और जनरेटर बदलने की योजना मशीनरी की बढ़ी लागत के कारण अटक गई है। कंपनियों ने मौजूदा टेंडर राशि को बढ़ाने की मांग की है। अब इस पर मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) में निर्णय होना है।

बरगी बांध की जल विद्युत परियोजना में 45-45 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां हैं। लंबे समय से संचालन के कारण इनकी उत्पादन क्षमता और दक्षता प्रभावित हो रही है। बिजली उत्पादन से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार जल विद्युत संयंत्रों में टरबाइन और जनरेटर की औसत उपयोगी उम्र करीब 35 साल मानी जाती है, जबकि बरगी की दोनों इकाइयां करीब 40 साल पुरानी हो चुकी हैं। ऐसे में इनके आधुनिकीकरण की जरूरत महसूस की जा रही है।


इसी उद्देश्य से मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी ने पिछले साल दोनों इकाइयों के टरबाइन और जनरेटर बदलने के लिए करीब 225 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों ने मशीनरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला दिया है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निर्धारित राशि में नई मशीनरी की आपूर्ति करना मुश्किल है। इसके चलते टेंडर की लागत बढ़ाकर करीब 250 करोड़ रुपये किए जाने का आग्रह किया गया है।

अब बिजली कंपनी के स्तर पर टेंडर राशि में संभावित बढ़ोतरी को लेकर प्रक्रिया चल रही है। अंतिम निर्णय कंपनी की बीओडी में लिया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद आधुनिकीकरण का काम आगे बढ़ सकेगा।

दो-दो मेगावाट बढ़ेगी क्षमता

आधुनिकीकरण के बाद बरगी बांध की दोनों जल विद्युत इकाइयों की क्षमता में भी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। प्रत्येक इकाई की क्षमता 2 मेगावाट बढ़कर 47 मेगावाट हो जाएगी। इस तरह दोनों इकाइयों की संयुक्त क्षमता 94 मेगावाट हो जाएगी। इससे पुरानी मशीनरी की जगह आधुनिक टरबाइन और जनरेटर लगाए जाने के साथ परियोजना की उत्पादन क्षमता और संचालन दक्षता में सुधार की उम्मीद है।