
Achary Vidhyasagar Ji Maharaj : नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। श्रमण संस्कृति दिवाकर, वर्तमान के वर्धमान, राष्ट्रसंत, संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के ब्रह्मलीन होने के तीसरे दिन संस्कारधानी जबलपुर के जैन धर्मावलंबियों ने सामूहिक केशदान कर भावपूर्वक विनजांलि-श्रद्धांजलि दी। बच्चों, युवाओं व वृद्धों ने सिर मुंडवाए। सकल जैन समाज आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शोक में डूबा दिखा। कई लोगों ने उन्हे श्रद्धांजलि देते हुए आजीवन रात्रि भोजन, मिष्ठान सहित अन्य त्याग का संकल्प लिया है।

लार्डगंज सहित संगम कालोनी, सरस्वती कालोनी सहित अन्य क्षेत्रों में स्थित जैन मंदिरों में लोगों ने सामूहिक मुंडन कराया। इस दौरान लार्डगंज में लगभग एक हजार से अधिक लोगों ने केशदान किए। लोगों ने कहा कि जैसे परिवार से एक मुखिया जाता है ऐसे ही हमारे समाज के मुखिया के जाने के दुख में हमने केशदान कर उन्हे श्रद्धांजलि दी है। दरअसल, न सिर्फ जबलपुर अपितु अन्य नगरों में भी केशदान कराया। नागरिकों ने कहा कि हमारे गुरु ही हमारे लिए परम पिता थे और जब पिता ही चला गया तो केश का क्या औचित्य।

आचार्यश्री विद्यासागर द्वारा रविवार को ली गई समाधि से संस्कारधानी के जैन समाज शोक संतप्त है। आचार्यश्री के देवलोकगमन पर मंगलवार को सभी जैन मंदिरों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए। आचार्यश्री के लिए दीप प्रज्वलन किए गए। आचार्यश्री का संस्कारधानी से विशेष लगाव था। इसके चलते जैन ससमाज के लगभग 500 से अधिक लोगों ने उनके लिए सामूहिक मुंडन संस्कार कराया। भक्तों ने बताया कि आचार्यश्री विद्यासागर महाराज का जबलपुर से एक गहरा नाता था, वे हमारे कुलगुरु थे।

आचार्यश्री के जबलपुर आने की सूचना लोगों को मिलती थी, तो वे शहर की सीमा में स्वागत के लिए उत्साहपूर्वक एकत्र होते थे। मंगलवार को बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक आचार्यश्री के ब्रह्मलीन होने पर मुंडन करवाया। समाज के दीपक राज जैन ने बताया, जैसे ही पता लगा कि आचार्यश्री विद्यासागर अब हमारे बीच नहीं रहे, वैसे ही लगा जैसे कि सिर से बुजुर्ग का साया उठ गया है। जैन समाज के लोगों ने कहा कि कि पितातुल्य गुरु के जाने के बाद बहुत ही दुख हो रहा है। हमें ऐसा लगा रहा है कि हमने अपने पिता, कुलगुरु को खो दिया है, इसलिए मुंडन कराया है।

गुरु गोविंद सिंह खालसा स्कूल, जीसीएफ, गुरु गोविंद सिंह खालसा स्कूल वीएफजे, गुरु गोविंद सिंह खालसा स्कूल चौथा पुल में आचार्यश्री विद्यासागर को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। प्राचार्य पुनीता राय, अंजलि अरोरा सहित अन्य ने आचार्यश्री के बारे में विस्तार से छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। दो मिनिट का मौन रखकर प्रार्थना सभा आयोजित की गई।

