
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले के पनागर स्थित द्वारका परिसर में पिछले छह दिनों से फैली दहशत शुक्रवार सुबह समाप्त हो गई। वन विभाग की 12 सदस्यीय टीम ने एक सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत करीब 5 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। यह मगरमच्छ 5 सितंबर से रिहायशी इलाके में छिपा हुआ था, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल था।
वन विभाग के अनुसार, 5 सितंबर को द्वारका परिसर में मगरमच्छ देखे जाने की पहली सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच से पता चला कि मानसून के दौरान परियट नदी और पास की नहर के तेज जल बहाव के कारण यह मगरमच्छ रिहायशी इलाके के एक जलमग्न खाली प्लॉट में पहुंच गया था। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी सौरभ शर्मा के निर्देश पर एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया, जो लगातार इसकी निगरानी कर रही थी।
मगरमच्छ को पकड़ना वन विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि जिस प्लॉट में वह छिपा था, वहां कमर तक गंदा पानी भरा हुआ था। टीम ने शुरुआती दिनों में जाल फेंककर और पंप के जरिए पानी खाली करवाकर उसे पकड़ने के कई प्रयास किए, लेकिन मगरमच्छ बार-बार पानी में छिप जाता था। एक सप्ताह की मेहनत के बाद, शुक्रवार को सफलता मिली।
जब पंप से प्लॉट का पानी तेजी से खाली किया जा रहा था, तब मगरमच्छ अचानक मुख्य सड़क की तरफ आ गया। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने तुरंत उसे चारों तरफ से घेरकर सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद द्वारका परिसर के निवासियों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने उसे उसके प्राकृतिक आवास परियट नदी में वापस छोड़ दिया।
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