
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जबलपुर में अधिकारी अलर्ट पर हैं। शनिवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने रमनगरा, भोंगाद्वार और गौर नदी स्थित जल शोधन संयंत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पानी पीकर उसकी शुद्धता को परखा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और निगमायुक्त ने अपनी उपस्थिति में पेयजल की लैब टेस्टिंग करवाई। पानी के विभिन्न मानकों की जांच के बाद रिपोर्ट संतोषजनक पाई गई। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में की जा रही जल आपूर्ति पूरी तरह से पीने योग्य और मानक स्तर की है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल की शुद्धता की प्रतिदिन जांच सुनिश्चित की जाए। जलस्रोतों और पाइपलाइन में किसी भी प्रकार के लीकेज या प्रदूषण की संभावना को तुरंत खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों तक पहुंचने वाला पानी हर हाल में संक्रमण मुक्त होना चाहिए। इस अवसर मौके पर अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, सहायक यंत्री राजेश खंपरिया उपस्थित रहे।
नगर निगम द्वारा पानी के नमूने भी लिए जा रहे हैं। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने बताया कि नगर निगम के जल विभाग ने पानी की शुद्धता जांचने के अभियान को और तेज कर दिया है। सामान्य तौर पर प्रतिदिन 40 से 50 सैंपल लिए जा रहे थे, लेकिन विशेष अभियान के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों से 80 वाटर सैंपल लिए गए।
इन नमूनों की जांच लैब में की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी दूषित जल की आपूर्ति न हो। महापौर जगत बहादुर सिंह ने कहा कि जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नागरिकों को दोनों समय स्वच्छ जलापूर्ति की जा रही है।