
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक पर सब्जी विक्रेता ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। गढ़ा बजरिया में वारदात की सूचना मिलते ही तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल आरक्षक को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। इस बीच मौका पाकर हमलावर वहां से भागने में कामयाब रहा। हत्या के प्रयास की एफआइआर दर्ज कर गढ़ा पुलिस आरोपित सब्जी विक्रेता की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने गढ़ा थाना पहुंचकर घायल आरक्षक से मुलाकात कर हौसला बढ़ाते हुए आरोपित को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
गढ़ा थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने के लिए आरक्षक अजय श्रीवास्तव 43 वर्ष की ड्यूटी गुरुवार को आनंद कुंज में लगाई गई थी। अजय ड्यूटी पर पहुंचे तो वहां शेख अब्दुल हमीद उस्मानी निवासी आनंद कुंज गढ़ा ठेले पर सब्जी बेचते मिला। ठेलेे के चारों ओर ग्राहकों की भीड़ लगी थी। आरक्षक अजय ने उसे समझाइश दी कि वह आम रास्ते पर खड़े होकर नहीं बल्कि मोहल्ले व कॉलोनी में घूमकर सब्जी बेचे। उस्मानी इस बात से नाराज हो गया और बोला कि वह कहीं नहीं जाएगा, जहां मन चाहेगा वहां खड़े होकर सब्जी बेचेगा।
वर्दी को चीरते छाती में घुसी चाकू: आरक्षक अजय ने सब्जी विक्रेता को समझाने की कोशिश की परंतु वह गालीगलौज पर उतारू हो गया। सब्जी खरीद रहे ग्राहक भी उसकी इस हरकत से सकते में आ गए। आरक्षक कुछ समझ पाता तब तक उसने ठेले पर रखी चाकू से आरक्षक पर जानलेवा हमला कर दिया। वर्दी को चीरते हुए चाकू अजय की छाती के बीचों बीच जा घुसी। कुछ ही देर में वर्दी खून से सन गई। अत्यधिक रक्तस्त्राव होने के कारण अजय वहीं गिर पड़ा और उस्मानी ठेला छोड़कर भाग गया।
संभावित ठिकानों पर दबिश: आरक्षक पर हमले की सूचना मिलते ही सीएसपी गढ़ा तुषार सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। आरक्षक को उपचार के लिए मेडिकल पहुंचाते हुए आरोपित की तलाश में संभावित ठिकाने पर दबिश दी गई। उसे अब तक नहीं गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। थाना प्रभारी ने बताया कि धारा 188, 269, 270, 353, 186, 294, 506, 307, 332, 324 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित शेख अब्दुल हमीद अंसारी अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति है जिसके विरुद्ध पूर्व से पांच अपराध हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट, सट्टा एक्ट के पंजीबद्ध होकर न्यायालय में विचाराधीन है।